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डीआईजी पर दलित परिवार की जमीन हड़पनें का आरोप, न्याय के लिए भटक रहा है पीड़ित परिवार

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3 थानेदार, 40 सब इंस्पेक्टर, 100 कांस्टेबल, 3 कंपनी पीएसी को भेजकर जमीन से किया बेदखल: पीड़िता

–ताबिश अहमद


वाराणसी: आईपीएस रैंक के पुलिस अधिकारी डी॰आई॰जी॰ अनिल कुमार राय द्वारा अपनें पद का दुरुपयोग करनें का मामला सामने आया है। सीएम योगी और पीएम मोदी की सरकार में कानून की धज्जियां उड़ाते हुए डीआईजी नें खटिक बिरादरी के दलित परिवार की 4 बिसवा ज़मीन हड़प ली।

रविवार को पीड़िता लालमनी देवी पत्नी बच्चे लाल सोनकर निवासी कठवतिया थाना शिवपुर ज़िला वाराणसी ने पत्रकारों से बात करने के दौरान बताया कि हमारे पति बच्चेलाल सोनकर पिछले 30 से दिमागी बीमारी से पीड़ित है एवं उनका ईलाज आज भी घरवाले करवा रहे हैं।

महिला नें अारोप लगाया कि इसी का फ़ायदा उठाकर आईपीएस अधिकारी अनिल कुमार राय नें दलित परिवार की जमीन धोखे से बिना जिलाधिकारी की परमिशन लिये अपनी पत्नी के नाम फ़र्ज़ी तरीक़े से लिखवा लिया। लालमनी नें बताया कि अब तक उसके परिवार के किसी भी सदस्य को इस बात की कोई जानकारी नहीं थी। जानकारी तब हुयी जब डीआईजी नें पूरे पुलिस बल का प्रयोग करके हमें हमारी जमीन से बेदखल करके बलपूर्वक कब्जा ले लिया।

आईपीएस अधिकारी अनिल राय इस समय देवीपाटन गोंडा में डीआईजी (DIG) पद पर कार्यरत हैं।

पीड़िता लालमणि देवी ने बताया की अपने पद का गलत उपयोग करते हुए शनिवार को 3 थानेदार, 40 सब इंस्पेक्टर, 100 कांस्टेबल और 3 कंपनी पीएसी को तहसीलदार सदर विनय राय के साथ मौके पर भेजकर जबरदस्ती जमीन पर कब्जा कर लिया।

पीड़िता ने बताया की हम लोगों नें डीएम तथा एसएसपी से मदद की गुहार लगाई मगर कोई कुछ सुनने को तैयार ही नहीं है। जमीन का बयनामा अभी भी दलित परिवार के मुखिया बच्चालाल के नाम है।

प्रदेश सरकार आये दिन भूमाफ़ियाओं  के ख़िलाफ़ कड़ी से कड़ी कार्यवाही करने के लिये उत्तर प्रदेश के सभी जिलो के आला अधिकारियों को निर्देशित करती रहती है, मगर आईपीएस अधिकारी अनिल राय बिना किसी डर के अपने अधिकारी होने का ग़लत तरीक़े से उपयोग कर रहे है, आये दिन पुलिस द्वारा धमकियां भी दिलवाया जा रहा है कि उनके पुरे परिवार को फ़र्ज़ी तरीक़े से फंसा दिया जायेगा।

दलित परिवार नें न्याय के लिए डीएम, पुलिस कप्तान, कमिश्ननर को लिखित शिकायत दी है लेकिन इंसाफ न मिलनें की स्थिति में परिवार लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप कर जमीन वापस दिलाने की मांग करेगा।