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भारत के समाज को नेतृत्व युवा करें, हम उनके साथ: समाजसेवी निर्देशक सत्या

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पटना। संवाद समता और दोस्ती की ओर के पैगाम को लिए जत्था नौजवानों को मंगलवार को सुबह 9:30 बजे बिहार दलित विकास समिति के प्रांगन से फादर आंटो और सत्या, समाजसेवी अशोक कुमार, नीतीश कुमार, प्रताप, थोमस, बासफ कार्यकारिणी सदस्य अजय जी जमुई, मनोज सोनी, रंजित, जाफरीन नेहा एवं उपस्थित अन्य सभी “जत्था नौजवानों का” को आरा विश्वविद्यालय के लिए रवाना किया।

इस मौके समाजसेवी निर्देशक सत्या ने कहा कि, हम युवाओं के पहल को नीला सलाम करतें है, भारत के समाज को नेतृत्व युवा करें, हम आपके साथ हैं और यात्रा में आपलोगों के साथ जुड़ेंगे भी, आपसभी को मंगल कामना के साथ जय भिम जोहार, जय सावित्री।

बासफ कंवेनर मनोज निराला ने बताया कि यह यात्रा संवाद समता और दोस्ती की ओर के लिए प्रेरित है। हमलोग बिहार के 30 जिलों में जाकर शिक्षा और रोजगार के मुद्दों को उठा रहें हैं। इसके साथ-साथ अन्य भी युवाओं के मुद्दों को उठा रहें हैं। गांव समुदाय के 2 के युवाओं, कालेज/विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं एवं अन्य सभी युवाओं तक अपने पैगाम को लेकर जाते हुए जत्था 10 मार्च को सावित्री फूले के पुण्यतिथि पर पटना में भव्य तरिके से युवा महासभा कर सभी पार्टियों को बिहार युवा मांग पत्र सौंपते हुए इस यात्रा का समापन होगा।

बासफ की ओर से यात्रा के उप संयोजक सौरभ कुमार ने कहा कि भारत युवा नौजवानों का देश है, इसलिए युवाओं को जागरूक और संगठित करना होगा और हमें अम्बेडकर के रास्ते पर चलना होगा। जन जागरण शक्ति संगठन से तन्मय भाई ने यात्रा की पृष्ठभूमि उपस्थित साथियों को बताते हुए कहा कि युवा संवाद के कार्यक्रम में अप्रैल 2018 से यह प्रक्रिया शुरू हुई।

जिसमें मुख्य समझ बनी कि आज के युवा संगठन अपने-अपने क्षेत्र और मुद्दों में उलझे हुए हैं और उन्हें एक साथ लाकर संघर्षों में जोडना होगा और उस मिटिंग के निर्णय के अनुसार हम सभी छात्र संगठन मिलकर 1 फरवरी अररिया से राज्य स्तरीय यात्रा निकली है और आज यात्रा का दुसरा चरण आज से हमलोग निकल रहें हैं।

बिहार दलित विकास समिति के निर्देशक फादर आंटो ने जत्था को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी के जज्बे को हम तहे दिल से आभार प्रकट करते हैं, जत्था का संदेश आज के हालातों को देखते हुए अत्यंत प्रासंगिक है, युवाओं को शिक्षा, रोजगार के साथ उनके साथ संवाद कि प्रक्रिया अत्यंत आवश्यक और महत्वपूर्ण है, दोस्ती ही हमारे राष्ट्रीयता को बांधकर रख पाएगी।

इसलिए हमें भारतीय संविधान के पैगाम को भी लोगों तक लेकर जाना होगा, क्योंकि संविधान किसी गुटबाजी नहीं वरन् हम भारत के लोग से शुरू होता है, जो समता, स्वतंत्रता, और बंधुता तथा व्यक्ति की गरिमा एवं राष्ट्र की एकता और अखंडता को मजबूत करता है। आज के दौर में हमारा यही मुख्य पैगाम है। जत्था को ढेर सारी शुभकामनाएं और बधाइयां।

इन्हीं कामनाओं को लिए जत्था नौजवानों का टिम वीर कुंवर सिंह सिंह विश्वविद्यालय के लिए रवाना हुआ, जत्था टिम में कल्याणी, तन्मय, मनोज निराला, सोनू, अखिलेश, पवन, रितम, बेबी, जितेंद्र सौरभ, नंदनी, गीता, प्रिया रंजित तथा मुन्ना शामिल रहें।