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माँ का प्यार सबके लिए समान

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Kirti mala

कीर्ति माला

लाइफ। शादी के बाद माँ बनना हर किसी के लिए बेहद खास पल होता है। हर इंसान इस पल का बेसब्री से इंतजार करता है। भाई हो भी क्यों न क्योंकि माँ का रिस्ता तो वाकई में सबसे खास होता है। कितनी भी परेशानी क्यो न हो माँ अपने बच्चों का ख्याल रखना कभी नही भूलती हैं।

ऐसे में एक बच्चा घर में होता है तो सबलोग उसका विशेष ख्याल रखते है पर दूसरा बच्चा जब आता है तो सामंजस्य बिठाना मुश्किल होता है। क्योकि हर कोई नए बच्चों के पीछे लगा रहता है ।ऐसे में बड़ा बच्चा असहज महसूस करने लगता है। ऐसे में माँ को अपने दोनों बच्चों के साथ सामंजस्य बिठाने में मुशकिले आने लगती है। ऐसी स्थिती में हम आपकी मुश्किलों का हल बताते है।

1.बड़े बच्चों को अपनी तरीके से समझाए:

बच्चा नाजुक होता है बिल्कुल कुम्हार की चाक की तरह । ऐसे में आप अपने बच्चों को जिस रूप में ढ़ालोगे बच्चा वैसे ही ढ़लेगा। तो दो बच्चों के बीच सामंजस्य बिठाने के लिए अपने बड़े बच्चे को समझाने का प्रयास करे कि कैसे बड़ा भाई-बहन छोटे भाई-बहन का ख्याल रखते है। उसे ये बताने का प्रयास करे कि अभी उसको माँ कि ज्यादा जरूरत है क्योकि वो अभी छोटा है। उसे समय से दूध पिलाना, नैपकीन बदलना होता है। उसे कुछ विडियों दिखाकर भी समझा सकते है। ताकि आपका बड़ा बच्चा भी आपका मदद कर सके।

2.दोनों के साथ समय बिताने का प्रयत्न करे:

अमूमन घरों में देखने को मिलता है कि लोग छोटे बच्चों की तरफ ही ज्यादा ध्यान देते है। ऐसे में बड़ा बच्चा अपने आप को उपेक्षित महसूस करने लगता है। तो इन गलतियों से बचने के लिए दोनों बच्चों के दिनचर्या को इस तरह से संतुलित करना चाहिए ताकि आप अपने दोनों बच्चों के साथ समान समय बिता सके। दोनों के साथ बैठकर प्यार भरी बातें, कहानियाँ सुनाने का प्रयत्न करे ताकि दोनों ही सहज रह सके।

3.बड़े बच्चों से उसकी राय लें:

जैसे आप छोटे बच्चे को कोई कपड़ा पहनाने जा रहे है तो बड़े बच्चे से पूछें कि कौन सा ड्रेस ईसे पहनाउ, कौन सा पाउडर लगाउ। साथ में टहलाने ले जाए ताकि छोटे बच्चे से वो जुड़ सके और आपकी मदद भी करे।

4.बड़े बच्चों की सराहना करे:

जब आपका बड़ि बच्चा कोई भी कार्य करे उसकी सरासना करे। उसे कुछ उपहार दें ताकि बच्चा आपसे जुड़ा रहे और उपेक्षित भी महसूस ना करे।

5. बड़े बच्चे को छोटे के साथ खेलने दे:

बड़ा बच्चा छोटे के साथ जितना खेलेगा उतना ही जुड़ेगा और आपकी समस्या भी दूर होगी। ऐसे में आप अपने दोनों बच्चों को समान समय दे पाएंगे। और एक खुशहाल जीवन का आनंद लेंगे। और अपने बच्चों की सही देखभाल भी कर पाएंगे। और सही परवरिश के साथ आपका बच्चा भी उँचाइयों को छूएगा।