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खुशियों का दामन

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Kirti mala

कीर्ति माला

लाइफ डेस्क: हर व्यक्ति हमेशा खुश रहना चाहता है। खुशी के पल जीवन को खिलखिला देते हैं… महका देते हैं….एक नई ऊर्जा व उमंग से भर देते हैं। इसलिए ऊर्जावान (Energetic) और प्रेरित (Inspired) बने रहने के लिए व्यक्ति का खुश (Happy) रहना बहुत जरूरी है। पर परिस्थितिवश इंसान हर वक्त खुश नहीं रह पाता है । ऐसे में आइए जानते है विभिन्न परिस्थितियों में कैसे हम और आप खुश रह सकते है।


हम जिस वातावरण में रहते हैं, प्रकृति ने उसमें अपनी भरपूर कला व सुंदरता बिखेरी है। लेकिन अपनी परेशानियों के कारण हम इसे देख नहीं पाते, इसे महसूस नहीं कर पाते और रोते कलपते रहते हैं। इसकी सुंदरता को वही जान सकता है, महसूस कर सकता है, जिसकी अंधी आँखों में देखने की रोशनी आ जाए। प्रकृति की यह सुंदरता हमें हर पल ख़ुशियों से भरती है, हर क्षण हमें नई महक-नई साँस उपलब्ध कराती है। बस, इसे एक बार निहारने की जरुरत है।


1.स्वयं की विशेषता जानें 

खुशी हमें तभी मिलती है, जब हम अपने गुणों को प्रश्रय देते हैं, अपने गुणों में वृद्धि करते है और अपनी विशेषताओं का भरपूर उपयोग करते हैं। खुश रहना है तो स्वयं को सर्वश्रेष्ठ माने।

2.उद्देश्यपूर्ण जीवन जिये

वे व्यक्ति जीवन में अधिक खुश (Happy) रहते हैं, जिनके जीवन का उद्देश्य स्पष्ट होता है। उनकी प्रसन्नता निरंतर बढ़ती रहती है। ऐसे व्यक्तियों में घबराहट, चिंता, तनाव, बेचैनी व अवसाद जैसी मानसिक परेशानियाँ बहुत कम पनपती हैं और पनपती भी हैं तो ज्यादा देर तक स्थिर नहीं रह पातीं। इसलिए हमेशा अपनी लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने की कोशिश करे।

3.हर पल कुछ नया सीखें

जीवन में सीखने के लिए बहुत है। नया सीखने की यह जो प्रकिया है, यह हमें बहुत कुछ सिखाती है, हमारी ख़ुशियों (Happiness) को बढ़ाती है और साथ ही हमारी योग्यता में भी वृद्धि करती है।

4.सकारात्मक दृष्टिकोण रखें

यदि ख़ुशियाँ प्राप्त करनी हैं, तो यह हमें केवल सकारात्मक सोच  के साथ ही मिल सकती हैं। जीवन में नकारात्मकता एक ऐसा अंधियारा है, जो हमसे हमारी खुशी छीन लेता है, हमारे उन परों को काट देता है, जो हमें उन्मुक्त आकाश में उड़ाते हैं और हमें अपार ख़ुशियों से भरते हैं। इसलिए आगे बढ़ने के लिए, ख़ुशियां बढ़ाने के लिए हमें सकारात्मकता को अपनाना चाहिए और नकारात्मकता से कोसों दूर रहना चाहिए।

5.गिर कर संभलना सीखें

जीवन में बहुत सारी ऐसी परिस्थितियां हमारे सामने आती है पर वही मनुष्य खुश रहता है और सफल कहा जाता है, जो स्वयं को गिरने नहीं देता, यदा-कदा गिरने पर स्वयं को संभालना सिख लेता है और दूसरों को भी सहारा देता है।

6.मदद के लिए सदैव आगे बढ़ें

दूसरों की मदद करना, उनकी सहायता करना भी हमें अपार सुख देता है, आतंरिक प्रसन्नता (Inner Happiness) देता है। मदद करने से हमारे रिश्ते सुधरते हैं, प्रगाढ़ होते हैं और मदद करने की हमारी सेवा – भावना हमें अपार आंतरिक ख़ुशी प्रदान करती है, संतुष्टि देती है।

7.स्वास्थ्य का रखें ख़याल

हमारे शरीर और मन का संबंध एक दूसरे से जुड़ा है, एक दूसरे पर आश्रित है। यदि शरीर स्वस्थ है तो मन भी स्वस्थ होगा और यदि शरीर अस्वस्थ है तो मन भी चिडचिडा हो जाएगा। इसी तरह यदि मन बहुत परेशान है तो शरीर पर उस परेशानी का प्रभाव पड़ेगा, उसके शारीरिक क्रियाकलाप में अंतर पड़ेगा, इससे बीमारियाँ बढ़ेगी।

लेकिन यदि मन स्वस्थ व प्रसन्न है तो शरीर की बीमारियाँ भी लंबे समय तक टिक नहीं पाएँगी, शरीर का स्वास्थ्य लाभ जल्दी होग। इसलिए खुश (Happy) रहने के लिए हमारे शरीर व मन का स्वस्थ रहना बहुत ज़रूरी है, अन्यथा हम ख़ुशियों के पलों को महसूस नहीं कर पाएँगे।

8.दूसरों से जुड़ें, अपनत्व बढ़ाएं

दूसरों से जुड़ाव, लगाव, अपनत्व हमें बहुत सारी ख़ुशियाँ देता है। जो व्यक्ति दूसरों के साथ बड़ी आसानी से सहज रहते हैं, सामंजस्य बिठा लेते हैं, अपनत्व जोड़ लेते हैं, वे ख़ुशियाँ सामंजस्य बिठा लेते हैं, अपनत्व जोड़ लेते हैं, वे ख़ुशियाँ पाते हैं और ख़ुशियाँ बिखेरते हैं।

9.अपना उज्ज्वल भविष्य निहारें

जो व्यक्ति अपने भविष्य को अपार संभावनाओं, ख़ुशियों से भरपूर निहारते हैं, उनका वर्तमान तो अच्छा रहता ही है, उनका भविष्य भी उज्ज्वल रहता है; क्योंकि उज्ज्वल भविष्य की संभावना व्यक्ति के अंदर सकारात्मकता का बीजारोपण करती है और उसके भविष्य को सुंदर बनाती है।इस भागदौड़ भड़ी जिंदगी इन बातों का अनुसरण कर खुश रह सकते है। खुशी हमारी जिंदगी का सबसे अहम हिस्सा है। इसे गुम न होने दे। खुशी दुनिया के हर समस्या का हल है। खुशी से बिगड़ा हुआ कार्य भी सुलझ जाता है। अत;हर व्यक्ति को खुश रहने का हर संभव प्रयास करनी चाहिए।