BREAKING NEWS
Search
Rewa collector office news

लोकायुक्त पुलिस की कलेक्टर कार्यालय में दबिस

975
Share this news...
ईशू केशरवानी

ईशू केशरवानी की रिपोर्ट,

रीवा। कलेक्ट्रेट परिसर रीवा में उस समय अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया जब रीवा लोकायुक्त पुलिस की कलेक्टर कार्यालय में ठीक ऊपरी मंजिल में संचालित कार्यालय में दबिश दे दी। अधिकारी के रिश्वत लेते ट्रैप होने की जानकारी मिलते ही अन्य कर्मचारियों के बीच सनका खिंच गया और देखते ही देखते कार्यालय खाली हो गया। यह पहला मौका नहीं है जब कलेक्टर की नाक के नीचे कोई घूसखोर अधिकारी रिश्वत लेते पकड़ा गया हैं। सोमवार को की गई कार्यवाही में फर्म एवं सोसाइटी के प्रभारी सहायक पंजीयक को ₹3000 की रिश्वत लेते ट्रेप किया गया है। जानकारी के अनुसार डीआर बसंत पिता कीर्तन बसंत 51 वर्ष पद निरीक्षक प्रभारी सहायक पंजीयक फर्म्स एवं संस्थाएं रीवा एवं शहडोल संभाग कलेक्टर कार्यालय। शिकायतकर्ता रजनीश कुशवाहा पिता अखिलेश कुशवाहा 37 वर्ष निवासी खैरहन अध्यक्ष भरोसा सेवा समिति से रिश्वत मांगी थी। सहायक पंजीयक शिकायतकर्ता से संस्था का उद्देश्य एवं कार्यक्षेत्र बढ़ाने के एवज में ₹5000 की रिश्वत मांग रहा था। शिकायतकर्ता लंबे समय से परेशान था कई बार कार्यालय के चक्कर लगाने के बाद जब उसका काम नहीं हुआ तो पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त राजेंद्र कुमार वर्मा से शिकायत कर दी योजना के तहत ₹3000 में कार्य करने का सौदा तय हुआ था। वहीं शिकायत मिलने के बाद पुलिस सत्यता की जांच की तो शिकायत सही पाई गई जिसके बाद योजना बनाकर अधिकारी को पकड़ने के लिए टीम गठित की गई। गठित टीम निरीक्षक अनूप सिंह ठाकुर के नेतृत्व में सोमवार की शाम कार्यालय में शिकायतकर्ता रजनीश कुशवाहा से ₹3000 की रिश्वत लेते सहायक पंजीयक को गिरफ्तार कर लिया जिसके विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया हैं। चर्चा की आरोपी एक बड़े प्रसाशनिक अधिकारी का रिश्तेदार भी बताता था।

Rewa collector office bribe victim

शिकायतकर्ता

कमी पर कमी निकाल रहा सहायक पंजीयक

शिकायतकर्ता ने बताया कि जब उसके द्वारा संस्था के उद्देश्य 9 से 26 करने का आवेदन दिया तो उन्हें जानकारी देने का नोटिस भेज दिया। जिसके बाद वह जानकारी देते गए और विभाग हर बार कमी निकाल कर जवाब मांगता गया। लगभग 5 माह बाद सहायक पंजीयक ने कहा कि जवाब ही देते रहोगे या कुछ और करोगे। इशारा मिलते ही शिकायतकर्ता पैसे की बात की और लोकायुक्त से शिकायत कर दी।

क्या कहते हैं राजेंद्र वर्मा पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त

शिकायतकर्ता द्वारा बताया गया था कि मैं अपनी संस्था का कार्यक्षेत्र और उद्देश्य बढ़ाना चाहता हूं जिसके बदले उससे 5000 रू. की रिश्वत मांगी जा रही है शिकायत मिलने के बाद सत्यता की जांच कराई गई और शिकायतकर्ता के द्वारा 3000 रू. देने का सौदा तय हुआ जिसके बाद टीम गठित कर कलेक्ट्रेट कार्यालय के ऊपर संचालित फार्म एंड सोसायटी के सहायक पंजीयक को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है जिसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया हैं।

Share this news...