Rashtriya Pashu Awm Dairy Vikas Parishad

अब ग्रीन कार्ड से सुधरेगी पशुओं की सेहत, एक फोन पर उपलब्ध होगा पशु सचल चिकित्सालय

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उत्तर प्रदेश (लख़नऊ)। उत्तर प्रदेश के पशुपालक किसानों के लिए राष्ट्रीय पशु एवं डेयरी विकास परिषद “पशु ग्रीन कार्ड” बनाने की योजना तैयार की है। जिसमें उत्तर प्रदेश के सम्पूर्ण जिलो के पशुपालकों के पशुओं का ग्रीन कार्ड बनना तय है। यह योजना पायलट प्रोजेक्ट के रूप में उत्तर प्रदेश के प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर मण्डल में शुरू की जाएगी। उसके बाद ही प्रदेश के अन्य जिलों में विस्तार दिया जाएगा।

 राष्ट्रीय पशु एवं डेयरी विकास परिषद

Photo: Rashtriya Pashu Awm Dairy Vikas Parishad Logo

पशु ग्रीन कार्ड से लाभ….

प्रदेश भर के पशु पालकों को पशुओं के ग्रीन कार्ड बनने के बाद परिषद सचल चिकित्सालय और निःशुल्क डॉक्टरी परामर्श उपलब्ध कराएगा। अगर पशुओं का इलाज डॉक्टर द्वारा किया जाता है तो दवा के खर्चे में भी 20 प्रतिशत तक की छूट पशुपालको को मिलेगी। इसके लिए पशु पालक को अपने पशुओं का ग्रीनकार्ड बनवाना होगा। ग्रीन कार्ड धारक को एक फोन पर सचल चिकित्सालय घर तक उपलब्ध होगी।

कैसे बनेगा पशुग्रीन कार्ड…

पशुग्रीन कार्ड बनाने के लिए परिषद के कर्मचारी गाँव गाँव जाकर मात्र 100 रुपये शुल्क के साथ कार्ड बनायेगे, एक ग्रीन कार्ड पर एक पशु और उसके नवजात को ही लाभ मिलेगा। अगर किसी पशुपालक के पास अधिक जानवर है तो उसे अलग अलग सभी पशुओ का ग्रीन कार्ड बनाना होगा। पशु ग्रीनकार्ड की बैधता निर्माण तिथि से एक साल तक होगी।

Rashtriya Pashu Awm Dairy Vikas Parishad

Photo: राष्ट्रीय पशु एवं डेयरी विकास परिषद

क्या कहते है जानकार…

जानकारों की माने तो यह योजना पशुओ और पशु पालकों के लिए बहुत ही खास है। इस योजना से पशुओं की चिकित्सकीय देख भाल आसानी से हो पायेगी।

इस कार्यक्रम के बारे में परिषद के निदेशक वी.तिवारी का कहना है कि ‘हम इस ग्रीन कार्ड के माध्यम से पशु पालकों के पशुओ को मजबूत और विश्वसनीय चिकित्सा उपलब्ध कराएंगे। पशु पालक के एक फोन पर सचल चिकित्सालय घर तक पहुँचेगी, परामर्श निःशुल्क होगा और दवा पर भी 20 प्रतिशत छूट मिलेगी’।

इस संबंध में किसी भी जानकारी के लिए विभाग के फोन नम्बर 0522- 4332460 पर सम्पर्क किया जा सकता है