farmer committed suicide

भाजपा राज में किसानों ने दी अपनी जान की बलि, सरकार अात्महत्या रोकने में नाकाम

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जनमंच डेस्क,

मध्यप्रदेश (भोपाल)। सरकार चाहे जितना राग अलाप ले किसान सुरक्षा को लेकर। लेकिन किसानों के आत्महत्या को रोकने में नकाम रही है। इस देश की मौजूदा हालात काफी भयावह हो चली है।

मध्यप्रदेश में एक बार फिर गुरुवार को सीहोर और होशंगाबाद में दो किसानों ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। सीहोर के पास इछावर के ईंटाखेड़ा गांव में एक किसान मारिया आदिवासी (52) ने पेड़ पर फांसी लगाकर अपनी जान गवां दी।

परिवार के लोग जब सुबह खेत पर पहुंचे तो मारिया की लाश पेड़ पर लटकी मिली। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। जानकारी के मुताबिक मारिया के पास ढा़ई एकड़ जमीन थी।

और वहीं होशंगाबाद में पिपरिया के सांडिया में एक किसान गुलाब सिंह ने फांसी लगाकर अपनी जिंदगी कुर्बान कर दी। परिवार वालों के मुताबिक उसकी 8 एकड़ जमीन पर करीब 2 लाख रुपए का कर्ज था।

लगातार फसल ख़राब होने की वजह से वह कर्ज में चुका नहीं पा रहा था। इसी से परेशान होकर गुलाब सिंह ने खुदकुशी कर ली। जिले में किसान आत्महत्या की यह चौथी घटना है।

साभार: khabarhulchal.com