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लोकायुक्त पुलिस ने रिश्वत लेते हुए आईटीआई अकाउटेंट और प्रधानाध्यापक को दबोचा

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सर्वेश त्यागी की रिपोर्ट

 शिवपुरी। सरकारी आईटीआई कॉलेज के बड़ा बाबू ने काम करने वाले स्वीपर से उनका बढ़ा हुआ वेतन देने के लिये दो लाख रूपये रिश्वत की डिमांग की। एक स्वीपर ने रिश्वत देने के बजाय लोकायुक्त में शिकायत कर दी। शिकायत सही पाये जाने पर बुधवार की सुबह 10 हजार रूपये की रिश्वत लेते हुए हेड क्लर्क को लोकायुक्त अधिकारियों ने रंगे हाथों पकड़ लिया है।

यह है पूरा मामला-
शिवपुरी के सरकारी आईटीआई कॉलेज में धनराज मालवीय हेड क्लर्क है। इसी कॉलेज में 10 स्वीपर काम करते हैं। पिछले दिनों सरकार ने इन स्वीपर का वेतन बढ़ाया है,  लेकिन हेड क्लर्क ने बढ़ा हुआ वेतन नहीं दिया।  कॉलेज के स्वीपर ने क्लर्क मालवीय से बात की तो उसने सभी स्वीपर से दो लाख रुपए की रिश्वत मांगी। क्लर्क का कहना था कि रिश्वत देने पर ही बढ़ा हुआ वेतन मिलेगा। कुछ स्वीपर ने रुपए एकत्र करके मालवीय को रिश्वत दे दी,  लेकिन एक स्वीपर रमेश बाल्मिकी रिश्वत देने को तैयार नहीं हुआ। उसने इस रिश्वत की शिकायत ग्वालियर आकर लोकायुक्त दफ्तर में कर दी।

लोकायुक्त एसपी अमित सिंह ने जांच में शिकायत को सही पाया और क्लर्क को रंगे हाथों पकड़ने की योजना बनाई। बुधवार को योजना बनाकर लोकायुक्त इंस्पेक्टर मनीष शर्मा और उनकी टीम शिवपुरी पहुंच गई। जैसे ही स्वीपर रमेश ने क्लर्क मालवीय को उसके घर पर 10 हजार रुपए दिए,  वैसे ही लोकायुक्त टीम ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद मालवीय को आईटीआई कॉलेज लाकर उसके खिलाफ कार्रवाई की गई।
वहीं दुसरा मामला भी सामने आया-
शिवपुरी के बदरवास (खाईखेड़) सरकारी स्कूल के प्रधानाध्यपक ने मध्यान्ह भोजन का टेण्डर दिलाने के नाम पर ठेकेदार से 10 हजार रूपये की डिमांड की थी फरियादी ठेकेदार ने रिश्वत न देते हुए लोकायुक्त एसपी अमित सिंह से शिकायत कर दी शिकायत सही पाये जाने पर एसपी अमित सिंह भ्रष्टाचारी प्रधानाध्यापक को रंगे हाथों पकड़ने के लिये एक रणनीति बनाई ।

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रमेश जाटव की पत्नी स्व सहायता समूल का संचालन करती हैं इसलिये रमेश जाटव सरकारी स्कूल में मध्यान्ह भोजन का टेण्डर डाल कर मध्यान्ह भोजन का काम करना चाहता था लेकिन प्रधानाध्यापक धनराज सिंह यादव ने फरियादी रमेश जाटव को लम्बे समय से परेशान कर रहा था, टेण्डर दिलाने के नाम पर 10 हजार रूपये की डिमांड कर रहा था फरियादी और प्रधानाध्यपक के बीच 5 हजार में सौदा तय हो गया । जैसे ही फरियादी रमेश जाटव ने प्रधानाध्यापक धनराज सिंह यादव को 5 हजार रूपये दिये वैसे ही लोकायुक्त की टीम ने आरोपी वैसे ही रंगे हाथों  गिरफ्तार कर लिया । प्रधानाध्यापक धनराज सिंह यादव को रंगे हाथो पकड़ने वाले लोकायुक्त टीम के इंस्पेक्टर आलोक चतुर्वेदी दबोच लिया।