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PM modi and shivraj chauhan

सरकार की एक और बड़ी यात्रा, मोदी को भी बुलाएंगे शिवराज….

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Jalaj Tripathi

जलज त्रिपाठी

भोपाल। मप्र सरकार आेंकारेश्वर में आदि शंकराचार्य की प्रतिमा बनाने जा रही है। इसके लिए मिट्टी एवं धातु एकत्रित करने 19 दिसंबर से ओंकारेश्वर समेत प्रदेश में 4 स्थानों से एक साथ निकाली जा रही है। लेकिन यह एकात्म यात्रा अघोषित रूप से अगले विधानसभा चुनाव के मद्देजर निकाली जा रही है। इस यात्रा से ज्यादा से ज्यादा संख्या में लोगों को जोड़ा जाएगा, खासकर महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई जाएगी।

यात्रा का समापन 22 जनवरी को ओंकारेश्वर में होगा। इस अवसर पर प्रदेश भर से हजारों की भीड़ सरकारी खर्चे पर एकत्रित होगी। समापन समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आएंगे। इसके लिए मप्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री को जल्द ही दिल्ली जाकर न्यौता दिया जाएगा।
एकात्म यात्रा की बागडौर साधु-संतों के हाथ में होगी। लेकिन अब यात्रा में महिला संगठन भी शामिल होंगे। महिलाएं दुष्कर्मी को फांसी की सजा देने के पक्ष में हस्ताक्षर अभियान चलाएंगी।

नर्मदा यात्रा की तरह इस एकात्म यात्रा में देश भर से साधु संत आएंगे। साथ ही देश भर से नारी सशक्तिकरण के क्षेत्र में काम करने वाली महिलाएं भी इस अभियान में शामिल होंगे, वे महिलाओं के प्रति समाज को जगाने का काम करेंगी और हस्ताक्षर अभियान में भागीदारी होंगी। सरकारी सूत्र ने बताया कि एकात्म यात्रा में ही महिला संगठन प्रदेश में नशामुक्ति के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू करेंगी।

इस अभियान में देश भर से चर्चित महिलाएं शामिल होंगी। यात्रा के समापन के बाद भी नशामुक्ति अभियान सरकारी मदद से गांव-गांव चलेगा। यह आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर महिलाओं को जोडने का अभियान साबित होगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एकात्म यात्रा को लेकर कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि सरकार जिन मंदिरों के पुजारियों को वेतन देती है, उन पुजारियों को भी एकात्म यात्रा में काम पर लगाया जाए।


यात्रा में खड़ा हो नशामुक्ति अभियान…

एकात्म यात्रा के दौरान नशामुक्ति को बड़ा अभियान खड़ा करने की तैयारी है। महिलाओं के भागीदारी इसी रणनीति के बढ़ाई गई है। भाजपा संगठन सूत्र ने बताया कि प्रदेश में पिछले दो साल से शराबबंदी की मांग उठ रही है। अलगे साल जब अप्रैल में नई शराब नीति आएगी, तब फिर शराबबंदी की मांग उठेगी।

इससे पहले एकात्म यात्रा में नशामुक्ति के लिए जनजागरण शुरू हो जाएगा। कोशिश यह है कि इससे ज्यादा से ज्यादा महिलाएं जुड़े। जब अगले वित्तीय वर्ष की नई शराब नीति के समय शराबबंदी की मांग उठेगी, जब सरकार चुनाव में राजनीतिक फायदे को देखते हुए शराबबंदी की घोषणा कर सकती है।