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शिवराज सरकार नई मनमानी पेट्रोल डीजल पर नए टैक्स की तैयारी में सरकार, विरोध शुरू

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Sarvesh Tyagi

सर्वेश त्यागी

भोपाल। पेट्रोल-डीजल पर जितने TAX मप्र में लगते हैं, देश के किसी भी राज्य में नहीं लगते। बावजूद इसके शिवराज सिंह सरकार पेट्रोल-डीजल पर एक और टैक्स लगाने जा रही है। चुनाव से पहले सड़कें बनवाने के लिए सरकार के पास पैसा नहीं है। अत: पेट्रोल-डीजल पर प्रति लीटर 50 पैसे टैक्स थोपकर वो इसके लिए पैसा जुटाना चाहती है ताकि अपने विधायकों की जीत सुनिश्चित की जा सके।

बुधवार को कैबिनेट बैठक में यह प्रस्ताव लाया जा रहा है। मंजूरी मिलती है तो पेट्रोल-डीजल पर 50 पैसे प्रति लीटर सेस लिया जाएगा। इससे हर साल 200 करोड़ रुपए मिलेंगे। सरकार का तर्क है कि इस राशि का इस्तेमाल सड़कों के निर्माण के लिए किया जाएगा। बता दें कि कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री ने पीडब्ल्यूडी की बैठक में कहा था कि विधायक मेरे पास आकर रोते हैं। उनकी मांग के अनुसार कुछ सड़कें तो बनाई जाएं। इस पर विभाग ने दो हजार करोड़ रुपए की जरूरत बताई थी। सरकार को उम्मीद है कि पेट्रोल-डीजल पर ही सेस लगाकर पैसा जुटाया जा सकता है।

अभी पेट्रोल पर 4 रु. अतिरिक्त कर…

मोदी सरकार के टैक्स और मप्र का वेट टैक्स लगाने के बाद पेट्रोल पर सीएम शिवराज सिंह की सरकार 4 रुपए प्रतिलीटर अतिरिक्त टैक्स पहले से ही वसूल रही है। इस टैक्स के खिलाफ कई बार आवाज उठाई गई परंतु सरकार ने इसे वापस नहीं लिया। अब 50 पैसे का एक और टैक्स लगाने जा रही है।

15 दिन में 1.09 रुपए प्रति लीटर बढ़ गए पेट्रोल के दाम…

साल के आखिरी महीने में दूसरा पखवाड़ा कीमतों की वृद्धि की शुरुआत का रहा। 14 दिसंबर को पेट्रोल की कीमत शहर में 73.77 रुपए थी, 15 दिसंबर को तीन पैसे बढ़ गए। इसके बाद 9 दिन में एक लीटर पर 50 पैसे बढ़ गए। मंगलवार तक कीमत 74.86 रुपए प्रति लीटर पहुंच गई। इस तरह 14 दिन में वैट 3 रुपए कम करने के बाद जो कीमत थी, पेट्रोल उससे ज्यादा पर पहुंच गया।

उठने लगे विरोधी शुर…

पेट्रोलियम एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह का कहना है कि सरकार विकास के नाम पर पेट्रोल-डीजल पर कर लगा रही है| लेकिन विकास दिख नही रहा। उन्होंने सरकार के फैसले का विरोध करते हुए कहा कि दस रू भी बढा देगी तो भी सरकार का पेट नही भरेगा। इस कदम से मंहगाई बढेगी।

दरअसल, अक्टूबर माह में केंद्र के निर्देश और चारों तरफ से पड़ रहे दबाव के बाद मध्यप्रदेश सरकार ने पेट्रोल-डीजल से वैल्यू एडेड टैक्स (वैट) कम किया था। तीन प्रतिशत वैट घटाने के बाद पेट्रोल लगभग 1 रुपए 32 पैसे सस्ता हुआ था वहीं पांच प्रतिशत वैट और डेढ़ रुपए प्रति लीटर अधिभार घटाने से डीजल लगभग 3 रुपए 94 पैसे प्रति लीटर सस्ता हुआ था।

वैट घटाने से मप्र सरकार को हर साल 2 हजार करोड़ रुपए का नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा था। अब एक बार फिर सरकार विकास के नाम पर सेस की वसूली शुरू कर दी है। जिससे सड़कें बनेंगी। अब देखना यह होगा कि कितनी सड़कें और कैसी सड़कें इन पैसों से बनती है।