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EDUCATION MINISTER VIJAY SHAH

गजब एमपी: प्रदेश के शिक्षा मंत्री के लिए 5 घण्टे भूखे-प्यासी रही छात्रा

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Sarvesh Tyagi

सर्वेश त्यागी

उज्जैन। स्कूल शिक्षा विभाग के राज्य स्तरीय कालिदास समारोह के समापन पर शनिवार को प्रदेशभर से आए विद्यार्थियों को स्कूल शिक्षा मंत्री विजय शाह का 1 घंटे 32 मिनट तक इंतजार करना पड़ा। EDUCATION MINISTER VIJAY SHAH के देरी से पहुंचने के बाद भी भाषणों का दौर इतना लंबा चला कि विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार पाने के लिए कुल चार घंटे का इंतजार करना पड़ा। भीड़ बढ़ाने के लिए GOVERNMENT SCHOOL से लाई गई छात्राएं भी कार्यक्रम स्थल पर प्रतीक्षा करते-करते परेशान होती रहीं।

विभाग द्वारा महाकाल प्रवचन हॉल में तीन दिनी कालिदास समारोह आयोजित किया गया था। शनिवार दोपहर 2 बजे समारोह का समापन होना था आैर विभागीय मंत्री शाह सहित अन्य अतिथियों द्वारा विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया जाना था। दोपहर 1:30 बजे से ही विद्यार्थियों को कार्यक्रम स्थल पर बैठा दिया गया लेकिन दोपहर 3:12 बजे कार्यक्रम के सारस्वत अतिथि पूर्व संभागायुक्त एवं संस्कृत विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. मोहन गुप्त कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। अतिथियों के इंतजार में डेढ़ घंटे तक छात्राएं फूलों व कुमकुम की थाली हाथ में लेकर खड़ी रही। मंत्री शाह अपने परिवार के सदस्यों के साथ दोपहर 3:32 बजे महाकाल प्रवचन हॉल पहुंचे। इसके बाद कार्यक्रम की शुरुआत हुई।

इसके बाद अतिथियों के भाषण शुरू हो गए। एक घंटे से अधिक तक अतिथियों के भाषण चलते रहे। इसके बाद शाम 5:45 बजे स्कूल शिक्षा मंत्री शाह, पूर्व संभागायुक्त डॉ. गुप्त, मप्र फॉर्मेसी काउंसिल के अध्यक्ष ओम जैन, लोति स्कूल के प्राचार्य अशोक कड़ेल, संस्कृत विश्वविद्यालय की प्राध्यापक डॉ. पूजा उपाध्याय, उत्कृष्ट विद्यालय प्राचार्य भरत व्यास एवं प्रभारी संयुक्त संचालक संजय गोयल ने विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया।

5 घंटे तक छात्राएं भूखी-प्यासी बैठी रहीं…

कार्यक्रम में भीड़ बढ़ाने के लिए आसपास के शासकीय व निजी स्कूलों के विद्यार्थियों को कार्यक्रम स्थल पर लाया गया। शामावि पानदरीबा क्रमांक-2 की 63 छात्राओं को दोपहर 1 बजे से कार्यक्रम स्थल पर लाए। पांच घंटे तक छात्राएं भूखी-प्यासी बैठी रही। छठवीं कक्षा की निकिता श्रेस व प्रियंका प्रजापत एवं सातवीं की खुशी गोवर्धन सहित अन्य छात्राओं ने बताया स्कूल से सीधे हमें यहां लाए हैं।

खाने-पीने के लिए भी कुछ नहीं दिया। स्कूल की छुट्टी 4:30 बजे तक हो जाती है लेकिन हम अब तक घर नहीं जा पाए हैं। प्रधानाध्यापक राजेंद्र पालीवाल ने बताया 8-10 पालकों को मोबाइल पर कॉल करके छात्राओं के लेट होने की सूचना दे दी गई थी। शाम 6 बजे बाद सभी छात्राएं अपने घर पहुंची।