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बेगूसराय में हुआ भव्य उर्दू कॉन्फ्रेंस व पुरस्कार समारोह

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Moinul Haque

मोईनुल हक़ नदवी

बेगूसराय। रविवार को नगर के बीचों बीच कचहरी रोड में स्थित लगभग सौ साल पुराने मदरसा बदरुल इस्लाम मे एक भव्य व विशाल कॉन्फ्रेंस व पुरुस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता गुलाम मोहिउद्दीन चांद साहब ने किया।

इस सभा मे कई नामी गिरामी अतिथि मौजूद रहे। उनमे से प्रशिद्ध वकील व सरकारी पीपी श्री मंसूर आलम,जिला अल्पसंख्यक विभाग के हेड सुनीता सोनू जी,ललित नारायण मिथला यूनिवर्सिटी के उर्दू विभाग के डीन प्रोफेसर खालिद हबीब,राष्ट्रपति सम्मान से सम्मानित शिक्षक श्री मुफ़्ती खालिद निमवी क़ासमी, सभा का शुभारंभ तिलावत कलाम पाक से किया गया और फिर एक नन्ही सी बच्ची ऐमन मोईन सिद्दीकी ने नात पढ़कर सभा मे मौजूद लोगों का दिल जीता।

कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए अंजुमन तरक़्क़ी उर्दू के अध्यक्ष श्री मोहिउद्दीन चांद ने स्वगत संदेश पढ़ा और सचिव श्री हाफ़िज़ रूहुल्लाह ने अब तक की कारकर्दगी से लोगों को अवगत कराया और साथ ही अपनी मेहनत और लगन का परिचय देते हुए बताया कि कैसे उन्होंने जिला के सभी सरकारी कार्यालयों में दूसरी भाषा के साथ साथ उर्दू में भी साइन बोर्ड और उर्दू नेमप्लेट लगाना सुनश्चित कराने लिए जिलाधिकारी से आदेश पारित कराया।

दूसरी ओर जिला के अन्य वक्ताओं व बुद्धिजीवियों में श्री खालिद हुसैन निमवी क़ासमी ने अपने अनुभवों को छात्र छात्राओं के समक्ष रखा और कविता के कई पंक्तियों से बच्चों का प्रोत्साहन किया। वहीं दूसरी ओर जिला के जाने माने वकील व पीपी मंसूर आलम ने भी बच्चों को कीमती नसीहत किया और उर्दू के खस्ता हाली का जिम्मेदार भी उर्दू वालों को ही बताया।

वहीं प्रोफेसर ज़फर हबीब साहब ने भी अपनी पुरानी यादों का ज़िक्र करते हुए नई नस्ल को उर्दू से जुड़ने की बातें की, और अल्पसंख्यक विभाग की श्रीमती सुनीता सोनू जी ने कई योजनाओं की जानकारी बच्चों को देते हुए सभी मीट्रिक व इंटर के उत्कर्ष छात्र छात्राओं को दस हज़ार रुपये देने का घोषणा किया, दूसरी ओर नाज़ामत की ज़िम्मेदारी श्री मुफ़्ती शब्बीर अनवर ने बखूबी अंजाम दिया।

अंजुमन तरक्की उर्दू बिहार के सचिव व मेम्बर ऑफ सिंडिकेट श्री अब्दुल क़य्यूम अंसारी ने सरकार के कई महत्वाकांक्षी योजनाओं में से उर्दू और उर्दू मदरसे भी हैं,और सरकार की मंशा है कि मदरसे को भी मेन स्ट्रीम में लाया जाएगा और साथ वित्तरहित शिक्षकों को वित्साहित किया जाएगा और मदरसे के भी शिक्षकों सातवां वेतन दिया जाए।

इसके आलावा जिला के दस पत्रकारों श्री आरिफ हुसैन, मोईनुल हक़ नदवी, नूर आलम, सुधांशु पाठक, मो इनाम व अन्य को पुरस्कृत किया गया और जिला के दस से भी अधिक ऐसे शिक्षक थे। जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया उनको भी पुरस्कार व सर्टिफिकेट से सम्मानित किया गया।

अंत मे मीट्रिक व इंटर में में फस्ट आने वाले सौ से अधिक छात्र व छात्राओं को मेडल, पुरस्कार व सर्टिफिकेट से प्रोत्साहित किया गया। इस सभा मे जिला के हज़ारों लोग मौजूद रहे और अंजुमन के इस ऐतिहासिक छन के गवाह बने।