Malegaon Blast Case

मालेगांव विस्फोट मामला: लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहत, साध्वी प्रज्ञा और अन्य पर UAPA के तहत चलेगा मुकदमा

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एनआईए की विशेष अदालत नें लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित, साध्वी प्रज्ञा और अन्य अारोपियों के खिलाफ मकोका के तहत मुकदमें को खारिज कर दिया है…

Shabab Khan

शबाब ख़ान (वरिष्ठ पत्रकार)

 

 

 

 

 

नई दिल्ली: एक विशेष राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने गुरुवार को मालेगांव विस्फोट मामले में ड्यूटी सेना अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित, साध्वी प्रज्ञा और अन्य आरोपी के खिलाफ मकोका (महाराष्ट्र नियंत्रण संगठित अपराध अधिनियम) के आरोपों को हटा दिया। हालांकि अदालत ने मामले से लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित, साध्वी प्रज्ञा, समीर कुलकर्णी, रमेश उपाध्याय और सुधाकर द्विवेदी को रिहा करने की याचिका को खारिज कर दिया।

आईपीसी और गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) की धारा 18 (आपराधिक साजिश) के तहत उनके खिलाफ नए आरोप लगाए जाएंगे।

राकेश धवडे और जगदीश म्हात्रे को शस्त्र अधिनियम के तहत ही ट्राएल का सामना करना होगा। अदालत ने प्रवीण तकाल्की, श्यामलाल साहू और शिवनारायण कलसांगरा को विस्फोट मामले में बरी कर दिया है।

ज्ञात हो कि ज्यादातर अभियुक्त जमानत पर बाहर हैं, सभी पिछले बांड और ज़मानती जारी रहेगी, अदालत ने अपने आदेश में कहा।

अदालत ने सभी अभियुक्तों को 15 जनवरी को उनके खिलाफ आरोपों के औपचारिक रूप से तैयार होने के लिए पेश होने के लिए कहा है। पिछले हफ्ते, अदालत ने अभियोजन पक्ष को चुनौती देने के आरोपी कर्नल पुरोहित और समीर कुलकर्णी की याचिकाओं को खारिज कर दिया।

अभियुक्त ने याचिका दायर करके उन पर  UAPA के तहत कार्यवाही न करनें की याचना की थी। उसनें कहा था कि उसका मामला UAPA के प्रवाधानों के अनुरुप नही है इसलिए उस पर चल रहे मुकदमें को खारिज कर दिया जाए। दोनों पुरोहित और कुलकर्णी 22 अगस्त, 2017 के बाद से जमानत पर हैं, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा अभियुक्तों को जमानत न देने के फैसले को खारिज करके उन्हे जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया था।

इस वर्ष फरवरी में साध्वी प्रज्ञा को जमानत दी गई थी। 29 सितंबर, 2008 को, मालेगांव के भीखू चौक पर एक मस्जिद के बाहर स्कूटर में रखा गया बम फटा था जिसमें 6 लोग मारे गए और 101 अन्य घायल हुए थे। जॉच के दौरान पता चला कि स्कूटर साध्वी प्रज्ञा के नाम रजिस्टर्ड है जिसके बाद उसी वर्ष, एटीएस ने साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर, लेफ्टिनेंट कर्नल पुरोहित और अन्य 9 लोगों को विस्फोट की साजिश के लिए गिरफ्तार कर लिया था।

हालांकि, अप्रैल 2011 में, एनआईए ने महाराष्ट्र एटीएस से मामला अपने हाथ मे लेकर जांच शुरु कर दी।