काशी विश्वनाथ

भेड़-बकरियों की तरह दर्शनार्थियों से व्यहावार कर रहे हैं काशी विश्वनाथ मंदिर के गृभग्रह में तैनात सुरक्षाकर्मी

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सावन के पहले ही दिन सामनें आया सच, सुरक्षाकर्मीयों की हरकतों से सकते में काशीवासी…

Santosh Agrahari

संतोष अग्रहरी

 

 

 

 

 

 

वाराणसी: बारह ज्‍योतिर्लिंगों में सबसे महत्‍वपूर्ण श्रीकाशी विश्‍वनाथ के दर्शन-पूजन की लालसा लिये देश ही नहीं विदेशों से भी श्रद्धालुगण यहां अपनी अपनी आस्‍था लिये पहुंचते हैं। इसे देखते हुए श्रीकाशी विश्‍वनाथ मंदिर प्रशासन की ओर से तैयारियों और सहूलियतें दिये जाने के बड़े बड़े दावे अभी कुछ दिन पहले ही मीडिया में किये गये थे। मगर सावन के पहले ही दिन सामने आये सीसीटीवी फुटेज ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है।

श्रीकाशी विश्‍वनाथ मंदिर के गर्भगृह का लाइव प्रसारण इंटरनेट के माध्‍यम से दुनियाभर के आस्‍थावानों के लिये मुफ्त में किया जाता है। इसे प्रतिदिन पूरी दुनिया में बैठे बाबा के भक्‍त देखते हैं। मगर सावन के पहले ही दिन बाबा के गर्भगृह से जो कुछ लाइव टेलीकास्‍ट हुए उसे देखकर हर कोई परेशान हो उठा। श्रद्धालुओं को तो इस वीडियो ने गुस्‍से में भर दिया है। खाकी कुर्ता पायजामा में बाबा के गर्भगृह में तैनात सुरक्षाकर्मियों की बदसलूकी देखकर किसी को भी गुस्‍सा आ सकता है। इस वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होते ही मंदिर प्रशासन की ओर से गर्भगृह का लाइव प्रसारण भी रोक दिया गया है।

VIDEO: आप खुद देख लें गृभग्रह का हाल

 

सुबह भी अभद्रता कर चुके हैं सुरक्षाकर्मी
बता दें कि सावन के पहले दिन श्री काशी विश्‍वनाथ मंदिर दर्शन पूजन के लिये आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मी अपनी ‘गुंडई’ का परिचय दे चुके हैं। भोर में ही यहां तैनात सुरक्षाकर्मी ना सिर्फ महिलाओं को हाथ पकड़-पकड़ कर धक्‍के देते दिखे, बल्‍कि हद तो तब हो गयी जब श्रीकाशी विश्‍वनाथ मंदिर के प्रधान अर्चक श्रीकांत महाराज के साथ भी सुरक्षाकर्मियों ने बदसलूकी कर डाली।

सावन के पहले ही दिन सुरक्षाकर्मियों की इस हेठी को देख हर कोई दंग है। लोगों में इस बात को लेकर गुस्‍सा है कि अगर इतनी ही बदइंतजामी से सारी व्‍यवस्‍था को संभालना था तो फिर सहूलियतों का ढोल क्‍यों पीटा जा रहा था।

कुछ लोगों का कहना है कि धर्म की नगरी काशी में देश के कोने कोने से आने वाले बाबा भोलेनाथ के भक्तो के साथ अन्याय हो रहा है। ये उस शहर का सच है जिस शहर का प्रतिनिधित्व देश के प्रधानमंत्री करते है। मंदिर में दर्शन करने के लिए सड़को पर लंबी कतारो से जूझकर बाबा के भक्त जब गर्भगृह के अन्दर दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं तो यहां खड़े पुलिस के जवानों का रवैया देखकर लोग दंग रह जाते है।

सवाल ये उठता है कि श्रद्धालुओं के साथ ऐसी बद्सलूकी क्‍या ये सुरक्षाकर्मी अपने मन से कर रहे हैं, या फिर इन्हें इस बात की विशेष ट्रेनिंग दी जाती है।