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MLA kuldeep sanger Unnao gang rape

Unnao Rape Case: विधायक कुलदीप सेंगर नाबालिग से दुष्कर्म और अपहरण का दोषी करार, 18 दिसंबर को सजा सुनाई जा सकती है

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New Delhi: उत्तर प्रदेश के उन्नाव दुष्कर्म केस में दिल्ली कोर्ट ने भाजपा से निष्कासित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को सोमवार को दोषी करार दिया। उसकी सजा पर बहस 18 दिसंबर को होगी। उसी दिन सजा सुनाई जा सकती है। सेंगर और उसके साथियों ने 2017 में लड़की को अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म किया था। तीस हजारी कोर्ट ने सेंगर को आपराधिक षड्यंत्र, अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी माना है। वहीं, लड़की को सेंगर के पास लेकर जाने वाली सहआरोपी शशि सिंह को बरी कर दिया।

इसी साल जुलाई में पीड़ित की कार की ट्रक से भिड़ंत हो गई थी। तब वह रायबरेली इसमें उसकी चाची और मौसी की मौत हो गई थी। पीड़ित लड़की और उसके वकील तभी से दिल्ली एम्स में भर्ती हैं। विधायक के भाई की शिकायत पर लड़की का चाचा जेल में है। फिलहाल, सेंगर तिहाड़ जेल में बंद है।

चार्जशीट दाखिल करने में देरी पर सीबीआई को फटकार

  • कोर्ट ने कहा कि दोषी एक ताकतवर इंसान है और पीड़ित गांव की लड़की है। वह बड़े और शिक्षित शहर से नहीं आती है, इसी के चलते केस दर्ज कराने में देरी हुई। हमें पीड़ित के बयान सच्चे लगते हैं। इसमें कोई दोराहे नहीं कि उसके साथ दुष्कर्म हुआ और जान को खतरा था। बदले के लिए पीड़ित के परिजन पर कई केस दर्ज कराए गए। दोषी सेंगर के रुतबे के चलते लड़की के पिता के खिलाफ भी केस दर्ज हुआ था।
  • इसके अलावा कोर्ट ने चार्जशीट दाखिल करने में देरी पर सीबीआई को फटकार लगाई। जज ने कहा- पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों को भी ठीक तरह से लागू नहीं किया गया। पीड़ित के बयान दर्ज करने के लिए सीबीआई के पास महिला अफसर होनी चाहिए। पीड़ित के पास जाकर बयान लेने की बजाय उसे जांच एजेंसी के दफ्तर बुलाया गया।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर केस दिल्ली ट्रांसफर हुआ था
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर केस लखनऊ से दिल्ली कोर्ट ट्रांसफर हुआ था। इसके बाद 5 अगस्त से रोजाना बंद कमरे में सुनवाई हो रही थी। इस दौरान अभियोजन पक्ष के 13 गवाहों और बचाव पक्ष के 9 गवाहों से जिरह हुई। पीड़ित का बयान दर्ज करने के लिए एम्स में स्पेशल कोर्ट बनाया गया था। तीस हजारी कोर्ट ने 10 दिसंबर को फैसला सुरक्षित रखा था।

42 महीने में 4 मौतें, 4 जून 2017 से अब तक उन्नाव केस के अहम मोड़

रेप के 10 दिन बाद पुलिस पीड़ित का पता लगा सकी
04 जून 2017- नाबालिग पीड़ित का गांव के ही दो युवकों शुभम और अवधेश ने अपहरण किया। दोनों युवकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज।
21 जून 2017- दस दिन बाद पुलिस अपहृत किशोरी का पता लगा सकी। पीड़ित ने तीन लोगों पर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया।
22 जुलाई 2017- पीड़ित ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र लिख इंसाफ की गुहार लगाई। पीड़ित ने कि विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने दुष्कर्म किया।

पीड़ित के पिता पर जानलेवा हमला किया गया
30 अक्टूबर 2017- विधायक की तरफ से पीड़ित और उसके परिवार के खिलाफ मांखी थाने में मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया गया।
03 अप्रैल 2018- आरोपी विधायक के भाई अतुल सिंह सेंगर ने साथियों संग पीड़ित के पिता पर मारपीट कर जानलेवा हमला किया।
04 अप्रैल 2018- मारपीट मामले में पीड़िता के पिता के खिलाफ ही संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेज दिया।
09 अप्रैल 2018- जेल में पीड़ित के पिता हालत दिन-पर-दिन खराब होती गई और आखिरकार उन्होंने जेल में ही दम तोड़ दिया।

सुबह 4 बजे कुलदीप सेंगर को हिरासत में लिया था
13 अप्रैल 2018- सीबीआई ने सुबह चार बजे दुष्कर्म मामले में आरोपी भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को हिरासत में लिया।
11 जुलाई 2018- सीबीआई ने दुष्कर्म मामले में चार्जशीट दायर की, जिसमें कुलदीप सेंगर, भाई अतुल सिंह और पांच अन्य लोगों को आरोपी बनाया।
18 अगस्त 2018- दुष्कर्म मामले के मुख्य गवाह यूनुस की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत।
04 जुलाई 2019- पीड़िता के चाचा को 19 साल पुराने एक मामले में कोर्ट ने 10 साल के कारावास की सजा सुनाई।
12 जुलाई 2019- पीड़ित की तरफ से चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई को पत्र लिखा, आरोपी विधायक से पूरे परिवार को जान को खतरा बताया।

एक्सीडेंट में मारी गईं पीड़ित की मौसी और चाची
28 जुलाई 2019- रायबरेली के गुरुबख्शगंज थाना क्षेत्र में ट्रक व कार की टक्कर में पीड़ित की चाची और मौसी की मौत। पीड़ित और उनके वकील गंभीर रूप से घायल हुए।
29 जुलाई 2019- सड़क दुर्घटना मामले में कुलदीप सिंह सेंगर, उसके भाई मनोज सिंह सेंगर, विनोद मिश्र सहित 15-20 अज्ञात लोगों पर केस दर्ज।

सुप्रीम कोर्ट ने केस दिल्ली ट्रांसफर किए, रोज सुनवाई का आदेश दिया
31 जुलाई 2019- चीफ जस्टिस ने पीड़ित के पत्र पर संज्ञान लिया। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के सेक्रेट्री जनरल को देरी पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया।
01 अगस्त 2019- सुप्रीम कोर्ट ने पांच मामलों को दिल्ली ट्रांसफर करने, प्रतिदिन सुनवाई का आदेश दिया। भाजपा ने सेंगर को पार्टी से निकाला।
10 दिसम्बर 2019- तीस हजारी कोर्ट ने गवाहों की सुनवाई के कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।