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एमलसी चुनाव: नाराज कांग्रेस को आगे कोई सीट खाली होगी तो देंगे- लालू

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पटना। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने कहा कि विधान परिषद की सीटों के बंटवारे को लेकर महागठबंधन में कोई मतभेद न था न है. परिषद चुनावों के लिए सीटों के बंटवारे पर महागठबंधन की घटक कांग्रेस की नाराजगी के बारे में पूछे जाने पर लालू प्रसाद ने संवाददाताओं से कहा कि राजद और जदयू के बीच चार परिषद सीटे को फिफ्टी-फिफ्टी के अनुपात पर बंटी. अगर निकट भविष्य में परिषद में कोई सीट खाली होगी तो वह कांग्रेस को दी जाएगी. लालू का यह बयान चार परिषद सीटों के बंटवारे को लेकर महागठबंधन में दरार की खबर के मद्देनजर आया है.

उधर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और मंत्री अशोक चौधरी ने संवाददाताओं से कहा कि नामांकन 20 फरवरी तक खुला है और अभी रुको और देखो का पार्टी इंतजार करेगी. जबकि वरिष्ठ कांग्रेस नेता सदानंद सिंह ने कहा कि कांग्रेस का गया के ऊपर सही दावा है. पिछली बार गया में हमारे उम्मीदवार अजय सिंह दूसरे स्थान पर रहे थे.  कहलगांव से आठ बार विधायक रहे सदानंद ने जदयू और राजद से इस पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है. इस संबंध में विधान पार्षद सह जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि जिन दो सीटों पर हमारे प्रत्याशी लड़ रहे हैं,उस पर उनका दावा सही बनता है.

दिलचस्प बात तो यह है कि सूत्रों के अमुसार भाजपा प्रत्याशी अवधेश नारायण चाह रहे थे कि उनके खिलाफ कांग्रेस उम्मीदवार हो. इसके लिए उनके समर्थक ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद से भी बात की. तो जदयू से भीसाथ देने की गुहार लगाई है. क्योंकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और अवधेश नारायण के बीच काफी पुरानी दोस्ती है.

दूसरी ओर राजग खेमे में भी यही स्थिति है, जहां रामविलास पासवान की लोजपा गया अध्यापक सीट पर राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (आरएलएसपी) के खिलाफ अपना उम्मीदवार खड़ा करने के लिए दृढ़ है. राजग खेमे में जहां भाजपा के पास दो सीटें- गया स्नातक और कोसी अध्यापक हैं, वहीं पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की हम के पास सारण स्नातक और रालोसपा के पास गया अध्यापक सीट है.

इस बारे में भाजपा के मुख्य प्रवक्ता बिनोद नारायण झा ने कहा-यह एक बड़ा मुद्दा नहीं है. राजग नेतृत्व अगले 2-4 दिनों में गठबंधन सहयोगियों के बीच एकता बनाने जाएगा जबकि लोजपा के प्रदेश प्रवक्ता अशरफ अंसारी ने कहा- संजीव श्याम सिंह पिछली बार निर्दलीय के रूप में यहां से जीते थे, इसलिए गया  शिक्षक सीट पर रालोसपा का दावा से उचित नहीं था.