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देशभर में कड़कनाथ मुर्गी की मांग बढ़ी, अब ऑनलाइन बिक्री होगी

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Anil Upadhyay

अनिल उपाध्याय

देवास। देशभर में इन दिनों मध्यप्रदेश की पहचान बन चुके कडक़नाथ मुर्गा की भारी मांग ने सहकारी समितियों के सामने भारी मुसीबत खड़ी कर दी है।

हालात यह है कि उपलब्धता की तुलना में दस गुना से अधिक की मांग आ चुकी है। यह मांग देश के अनेक हिस्सों से आयी है। इसकी बड़ी वजह है सहकारिता विभाग द्वारा कडक़नाथ की ब्रांडिंग कर उसके लिए बाजार उपलब्ध कराने के लिए लांच किया गया ऐप।

ऐप के आते ही पहले ही सप्ताह में सहकारी समितियों को 25000 कडक़नाथ के ऑर्डर मिल चुके हैं। खास बात यह है कि झाबुआ और अलीराजपुर जिले में उपलब्धता सिर्फ 2200 की है।

समितियों के पास हैदराबाद, कोलकाता, इलाहाबाद, हापुड़ के अलावा भोपाल, इंदौर, सागर, खंडवा, बालाघाट और मनावर से भी ऑर्डर बुक हुए हैं। सहकारी समितियों के पास अब दो मुश्किलें हैं, इतने बड़े ऑर्डर की पूर्ति कैसे हो और इनको पहुंचाने के लिए परिवहन की व्यवस्था कैसे करें। क्योंकि, ऑर्डर प्रदेश के बाहर से भी आए हैं।

समितियों के ही माध्यम से बिकेंगे-

मांग और पूर्ति में अंतर को कम करने के लिए झाबुआ, अलीराजपुर और देवास जिले में 26 नई समितियां बनाई गई हैं। अब कडक़नाथ सिर्फ समितियों के माध्यम से ही बिक सकेगा। यह समितियां सभी शहरों में इसका ऑनलाइन ऑर्डर लेकर उपभोक्ताओं तक पहुंचाने की भी व्यवस्था करेंगी। सहकारिता विभाग ने कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि उनके जिन क्षेत्रों में कडक़नाथ पाएं जाते हैं, वहां समितियां बनाएं।

मोबाइल ऐप में कई खामियां-

कडक़नाथ ऐप में तकनीकी खामियां भी हैं। इसमें दर्ज चार सहकारी समितियों में से दो समितियों के मोबाइल नंबर ही गलत हैं। लॉगिन के जरिए ऑर्डर बुक नहीं हो रहे हैं। फोन के जरिए ही ऑर्डर बुक किए जा रहे हैं।

मेरे पास पिछले एक सप्ताह में 10 लाख रुपए के ऑर्डर आ चुके हैं। कडक़नाथ का इतना स्टॉक नहीं है। और न ही माल भेजने की व्यवस्था। कलेक्टर से इसकी व्यवस्था बनाने के लिए कर्ज दिलाने की मांग की जाएगी।

-विनोद मेड़ा- संचालक, आशीष कडक़नाथ संस्था, झाबुआ