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आरटीआई कार्यकर्त्ता की बेहरहमी से हत्या, सरपंच के बेटे गिरफ्तार

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Sarvesh Tyagi

सर्वेश त्यागी

मुरैना। मुरैना में एक आरटीआई एक्टिविस्ट की बेहरमी से पीट पीटकर हत्या गांव के सरपंच के बेटे और उनके रिस्तेदारों ने की, क्योकि आरटीआई एक्टिविस्ट मुकेश दुबे सरपंच के द्वारा किये गए करप्शन को उजागर किया था। पुलिस ने इस मामले में तीन लोंगो को गिरफ्तार किया है, गिरफ्तार हुए तीनो ने गुनाह कबूल कर लिया।

यह है पूरा मामला –

मंगलवार सुबह मुरैना के घुरैया बसई के ग्रामीणों ने सुमावली पुलिस को सुचना दी कि एक युवक की खून से लथपथ बॉडी मटकोरा गांव के खेतों में पड़ी हुई है। प्रारंभिक जांच में बॉडी पर मारपीट और सिर में गहरी चोटों के निशान मिले। पुलिस ने बॉडी की तलाशी ली तो जेब से मिले दस्तावेजों से मरने वाले की शिनाख्त मुरैना के रहने वाले मुकेश दुबे के रूप में हुई है।

मुकेश दुबे आरटीआई एक्टिविस्ट था और ग्राम पंचायतों में हो रहे करप्शन उजागर कर रहा था। मुकेश दुबे मुरैना का रहने वाला था, लेकिन उसकी लहूलुहान बॉडी शहर से दूर गांव के खेत में मिलने से आशंका जताई गई कि हत्या कर उसकी बॉडी को किसी चार पहिया गाड़ी से लाकर फेंका गया मौके पर हालात देख पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

मुरैना एसपी आदित्य प्रताप सिंह ने बताया है कि प्रारंभिक छानबीन में मालूम पड़ा था कि मुकेश दुबे सुमावली सरपंच उपासना गुर्जर उसके पति और सचिव के खिलाफ फैसबुक और व्हाट्सएएप पर पोस्ट कर रहा था। मुकेश की आरटीआई एप्लीकेशन के आधार पर हासिल रिपोर्ट्स के कारण से सुमावली पंचायत के सचिव धारासिंह के खिलाफ कार्यवाही भी चुकी थी।

सरपंच का परिवार मुकेश की पोस्ट को अपमानजनक मान कर रंजिश मान बैठा था इस आधार पर पुलिस ने मंगलवार की शाम को सरपंच पति मनोज के घर पर दविश दी तो वहां कोई नहीं मिला, मनोज की बोलेरों भी गायब थी, कॉल करने पर भी उसकी लोकेशन नहीं मिली। इसके बाद पुलिस पक्का शक हो गया कि मुकेश की हत्या से सरपंच के परिवार का संबंध आवश्यक रूप से है।

सरपंच के रिश्तेदारों के घर पुलिस लगातार दविश दे रही थी। सूत्रों के अनुसार सूचना मिली कि आरोपी आंतरी के बौना गांव में मनोज के बहनाई के घर छिपे हुए हैं, मंगलवार को ही आधी रात के लगभग पुलिस की एक टीम ग्वालियर जिले के बौना गांव पहुंची और मनोज के बहनोई भारत सिंह,भांजे योगेश और बेटा विक्रम को गिरफ्तार कर लिया।

आरोपियों ने जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि मुकेश लगातार फैसबुक और व्हाट्सएप पर उनके परिवार के खिलाफ आपत्तिजनक व अपमान जनक पोस्ट कर रहा था उसके कारण से परिवार की बदनामी हो रही थी। इसका प्रतिशोध लेने के लिये वह 25 सितम्बर  से मुकेश को ढूंढ रहे थे।


सोमवार की शाम मुकेश विक्रम नगर के सामने से एनएच 3 क्रॉस कर रहा था, आरोपियों ने बोलेरो से पीछा कर उसे पकड़ा और महाराजपुरा नहर के किनारे से होते हुए मटकोरा गांव के खेतों में ले आए। उस वक्त तक अंधेरा हो चुका था, उन्होंने मुकेश को बोलेरो से उतारा और बेसबॉल के डंडों से तब तक मारा जब तक कि वह मर नहीं गया। हत्या के बाद आरोपी बॉडी को वहीं छोड़ फरार हो गए।