MSU Strike

मिथिला के विकास हेतु MSU का सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन, किया NH57 जाम

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दरभंगा। मिथिला स्टूडेंट यूनियन द्वारा 17 से 25 फरवरी तक पद यात्रा उपरांत सोमवार को MSU के राष्ट्रीय संगठन मंत्री अविनाश भारद्वाज के नेतृत्व में NH 57 को जाम किया।

ज्ञात हो कि पद यात्रा 17 फ़रवरी को जयनगर से राजनगर, झंझारपुर, मधुबनी, मनीगाछी, बेनीपुर, हायाघाट समेत बहुत प्रखंडों में मिथिला विकास बोर्ड के पक्ष में समर्थन जुटाते हुए यात्रा सोमवार को NH57 जाम कर मिथिला के साथ सौतेला व्यवहार कर रहे बिहार सरकार को जगाने हेतु MSU के कर्मठ सेनानी ने सोमवार को महाधरना NH पर करने का निर्णय लिया। पद यात्रा 200 किमी का था, जिसमें प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में लोग जुड़ते गए।

आपको बताते चले कि MSU स्थापना दिन से ही मिथिला के औद्योगिक -शैक्षणिक-सांस्कृतिक-आर्थिक-बौद्धिक-स्वास्थ्य जगत में विकास की मांग को अपने अनेकानेक माध्यम से केंद्र व राज्य सरकार के समक्ष बुलन्द करती आ रही है। यह संगठन ने मिथिला इतिहास में प्रथम दफा मिथिला बन्द-दिल्ली लॉन्ग मार्च राज मैदान विशाल रैली के उपरांत सोमवार को महाजाम करने का दृढ़ संकल्प लिया।

इस संगठन ने मिथिला में व्याप्त बेरोजगारी भुखमरी पलायन स्वास्थ्य की कुव्यवस्था शिक्षा के क्षेत्र में पलायन व आराजकता, बन्द पड़े उद्योग धंधे को पुन: चालू करवाने की मांग को मैथिल के सहयोग से सरकार के समक्ष रखी है।

बन्द को संबोधित करते हुए पदयात्रियों ने कहा कि आजादी के बाद मिथिला को सत्ताधीशों (केंद्र व राज्य सरकार ) ने मात्र उपेक्षा किया है। इस मिथिला विरोधी सरकार को मिथिला सतत गौरवशाली बनाने का काम किया है, लेकिन इन्होंने मिथिला के गौरव के साथ खिलवाड़ करने का काम किया है।

मिथिला में व्याप्त बेरोजगारी व पलायन का मुख्य कारण मिथिला क्षेत्र में बंद पड़े उद्योग धंधे है। संचालित उद्योग-धंधे को सरकार ने बिचौलियों के हाथों बेचकर 100 गुणा मुनाफ़ा उन्हें देकर मिथिला के कामगार मजदूरों के पेट पर लात मारा एवं उन्हें पलायन करने पर मजबूर कर दिया।

मिथिला के विकास विरोधी सरकार ने मिथिला के सांसद विधायक को पावर-सत्ता-पैसों का लालच देकर उन्हें अपने लिए जनता को ठगने वाला यंत्र व बिचौलिया बना लिया। सरकार की गुलामी कर मिथिला के जनप्रतिनिधि मां मिथिला के अस्तित्व को खतरे में डाल मातृभूमि मिथिला से धोखा-छल कर रहे हैं।

दिल्ली व पटना के सरकार की मंशा मिथिला के प्रति उदासीन व सौतेला है, इस संदर्भ को धीरे-धीरे मिथिलावासी जान गए है। मिथिला स्टूडेंट यूनियन ने नीति आयोग के समक्ष मिथिला के सर्वागीण विकास हेतु “मिथिला विकास बोर्ड” की मांग रख चुकी है।