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बिहार में जारी है बाढ़ का कहर, एक दिन में 34 ज़िंदगियाँ हुई तबाह

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तौज़ीहा यास्मीन कि रिपोर्ट,

मुजफ्फरपुर। बिहार के कई इलाके गर्मी कि मार झेल रहें है तो वहीं बाकी इलाके भीषण बारिश और बाढ़ के तांडव से ग्रस्त हैं। आलम यह है की आए दिन बिहार के अलग-अलग इलाकों से लगातार जान माल के नुकसान कि खबरें आ रही हैं। शुक्रवार को बाढ़ में डूबने से 34 लोगों  की जान गई। जिसमे मुजफ्फरपुर में नौ, सीतामढ़ी में आठ, समस्तीपुर, दरभंगा व मोतिहारी पांच-पांच, शिवहर व मधुबनी में एक-एक की जान चली गयी. मुजफ्फरपुर के मीनापुर में पांच पारू, कटरा, बोचहां व हथौडी में एक-एक की मौत हो गई।

इसके साथ ही समस्तीपुर में एक साथ पांच बच्चों की जान जाने कि बात सामने आई है। घटना शुक्रवार कि शाम के 4:30 बजे कि है जब 5 बच्चे समूह बना कर बूढी गंडक का बढ़ा हुआ जलस्तर देखने गए थे तभी अचानक एक बच्चे का पैर फिसला और वह पानी में जा गिरा। जिसे बचाने कि कोशिश में बाकि बच्चे भी अपनी जान गवां बैठे घटना के कुछ देर के बाद एक पास से गुज़र रही एक लड़की ने शोर मचा कर इस बात कि सुचना गाँव वालों को दी जिसके बाद गाँव में हाहाकार मच गया। सभी मृत बच्चों की आयु 6 वर्ष से लेकर 15 वर्ष के बीच बताई गई है।

आपको बता दें जिस वक्त यह घटना हुई उस वक़्त नदी का पानी खतरे से 10 सेमी ऊपर था, इसके साथ ही बागमती का जलस्तर भी खतरे के निशान से ऊपर है वैसे तो इसमें कोई वृद्धि दिखाई नहीं दे रही फिर भी लोगों को सतर्क रहने कि आवश्यकता है।

इस बार बिहार के 26 लाख लोगों की बाढ़ से पीड़ित होने कि खबर आई है जिसे देखते हुए सांसद में बिहार के बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने कि मांग करते हुए नेपाल सरकार से बात कर हाई डैम बनाने कि मांग भी कि गई है।