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ट्रेवल एजेंसी संचालक सोनू ठाकुर हत्याकांड में खुलने लगे सोनू ठाकुर के कई राज

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Dharmaveer Dharma

धर्मवीर धर्मा की रिपोर्ट,

पटना। मुजफ्फरपुर के चर्चित ट्रेवल एजेंसी संचालक सोनू ठाकुर उर्फ सुप्रिय निशांत हत्याकांड में जहां पुलिस हत्या के गुत्थी सुलझाने में लगे हैं वहीं सोनू ठाकुर के भी कई राज खुलने लगे हैं।

मिली सुत्रों के अनुसार सोनू ठाकुर एक जालसाज व्यक्ति था, बंगलादेशी नागरिकों को भारत का जाली नागरिकता बनाने के केस में असम CID द्वारा गिरफ्तार भी हुआ था। इतना ही नही यह व्यक्ति डुप्लीकेट आवासीय, डुप्लीकेट नाम से सिम कार्ड भी उपलब्ध करवाने का धंधा करता था, साथ ही बंगलादेशियों से पैसा लेकर उनको असम में भारतीय नागरिकता का डुप्लीकेट कागज बना देता था। 

NIA की टीम भी सोनू ठाकुर उर्फ सुप्रिय निशांत को एक केस में नामजद के कारण खोज रही थी। सोनू ठाकुर के पास से तीन ड्राईविंग लाइसेंस भी पाए गए थें, सबसे बड़ी बात की ये तीनो लाइसेंस एक ही व्यक्ति यानी सोनू ठाकुर उर्फ सुप्रिय निशांत उर्फ निशांत ठाकुर के अलग अलग नामों से बना था।

ट्रेवल एजेंट सोनू ठाकुर उर्फ निशांत ठाकुर उर्फ सुप्रिय निशांत के ऊपर झारखंड के बिस्टुपुर में लूटपाट एवं गोली मारने का केस दर्ज हुआ था, जिसमें सोनू ठाकुर साढ़े पांच महीने जेल में था। बाद मे झारखण्ड जेल से गुवाहाटी जेल भी भेजा गया, असम में सात महीने जेल की सजा काट चुका था, उसके बाद से फरार हुआ था।

file photo- sonu thakur

धोखाधड़ी के केस में सोनू ठाकुर उर्फ निशांत ठाकुर और उसके पिता ललित मोहन ठाकुर दोनों व्यक्ति कई केस में अभियुक्त है। ललित मोहन ठाकुर जो रेलवे से सम्बंधित लोगों को बहला फुसलाकर लाता था और उसका बेटा निशांत ठाकुर उसके साथ धोखाधड़ी करता था। झारखण्ड के चांडिल थाना के केस में भी सुप्रिय निशांत उर्फ सोनू ठाुकर और उसके पिता ललित मोहन ठाकुर अभियुक्त है। जिसमें IPC की धारा 307/379/341/324/427/323 & 27 आर्म्स एक्ट भी लगा हुआ है।

हाल ही में इसके ऊपर हाजीपुर रेलवे dsp ने भी धोखाधड़ी का केस करवाया है , साथ ही बैंक लोन धोखाधड़ी केस में लिप्त है। यानि सूत्रों कि माने तो सोनू ठाकुर के ऊपर दर्जनों से ज्यादा केस दर्ज है।

आपको बता दूं कि ट्रेवल एजेंसी संचालक निशांत ठाकुर उर्फ सोनू ठाकुर के हत्या के बाद उसके परिजनों ने पटना के शास्त्रीनगर थाने में बयान दर्ज कराया है. बयान की कॉपी ब्रह्मपुरा पुलिस को भेज दी गयी है. बयान में बताया गया है कि साजिश के तहत निशांत के ही एक पुराने परिचित ने हत्या करायी है, लेकिन मुख्य आरोपी का पता नही चल सका, हालांकि इस मामले में पूर्व में अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज हो चुका है। सोनू ठाकुर के कई लोगों के साथ दुश्मनी थी, इस हत्याकांड में कांग्रेस नेता संजीव सिंह को भी अभियुक्त बनाया गया है। जबकि संजीव सिंह समर्थकों का कहना है कि इस हत्याकांड में संजीव सिंह को जबरन अभियुक्त बनाया गया है, वे पूर्णत: निर्दोष है, साथ ही घटना के वक्त किसी कार्यक्रम के संदर्भ में संजीव सिंह विदेश गये थे। वहीं मरने से पहले सोनू ठाकुर अपने बयान में संजीव सिंह का नाम नहीं ले रहा है, जैसा कि बयान वाले वीडियो में स्पष्ट रूप से सुना जा सकता है।

ज्ञात हो कि 12 जून की सुबह ट्रैवल एजेंसी संचालक निशांत ठाकुर को बाइक सवार अपराधियों ने उसके दुकान में घुसकर गोली मार दी थी. बैरिया के एक निजी अस्पताल में उन्हें भर्ती कराया गया था. जहां बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया था. पटना में  इलाज के दौरान निशांत की मौत हो गयी थी।