DushyaChautala and Ajay chautala

अजय चौटाला 2 हफ्ते की फरलो पर तिहाड़ से बाहर आएंगे, बेटे दुष्यंत के शपथ ग्रहण में शामिल हो सकते हैं

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नई दिल्ली। जननायक जनता पार्टी (जजपा) के अध्यक्ष दुष्यंत चौटाला के पिता अजय चौटाला दो हफ्ते के लिए तिहाड़ जेल से बाहर आएंगे। शनिवार को जेल प्रशासन ने उनकी फरलो मंजूर कर ली। अजय और उनके पिता ओमप्रकाश चौटाला को जूनियर शिक्षकों की भर्ती घोटाले में 6 साल पहले जेल भेजा गया था। हरियाणा विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद दुष्यंत पिता से मिलने तिहाड़ जेल गए थे। इसके बाद उन्होंने शुक्रवार रात भाजपा के साथ गठबंधन का ऐलान किया था।

DushyaChautala and Ajay chautala

फाइल फोटो: दुष्यंत चौटाला (बाएं) और उनके पिता अजय चौटाला (दाएं)

  • सूत्रों के मुताबिक, अजय चौटाला शनिवार को ही तिहाड़ से बाहर आ जाएंगे। रविवार दोपहर 2.15 बजे मनोहर लाल खट्टर मुख्यमंत्री और दुष्यंत चौटाला उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। ऐसे में अजय उनके शपथ समारोह में शामिल हो सकते हैं। भाजपा और जजपा मिलकर सरकार बना रही है। जजपा ने डिप्टी सीएम की मांग की थी। पहली बार चुनाव लड़ने वाली जजपा ने 10 सीटें हासिल की थी। वहीं, भाजपा को 40 सीटें मिली थीं।
  • इनेलो नेता और पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला के कार्यकाल में शिक्षक भर्ती घोटाला सामने आया था। सीनियर आईएस अफसर संजीव कुमार ने भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की शिकायत की थी। इसके बाद सीबीआई ने मामले की जांच की। 2013 में अदालत ने ओम प्रकाश और अजय चौटाला को 10-10 साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद से दोनों तिहाड़ में हैं।

क्या होती है फरलो?

किसी कैदी ने आधी से ज्यादा सजा काट ली है तो उसे साल में 4 हफ्ते के लिए फरलो दी जाती है। फरलो सामाजिक या पारिवारिक संबंध कायम रखने के लिए दी जाती है। यह अर्जी डीजी जेल के पास भेजी जाती है, जहां से इसे गृह विभाग के पास भेजा जाता है। फरलो एक बार में 2 हफ्ते के लिए मिल सकती है और इसे 2 हफ्ते के लिए भी बढ़ाया जा सकता है। यह सजायाफ्ता का अधिकार होता है, जबकि पैरोल अधिकार के तौर पर नहीं मांगा जा सकता। पैरोल के दौरान जेल से बाहर रहने पर उतनी अतिरिक्त सजा काटनी होती है। जबकि फरलो की अवधि काटी गई सजा में ही जुड़ जाती है।