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तीन तलाक विधेयक मुस्लिम समुदाय को शैतानी घोषित करने का प्रयास है: ओवैसी

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Shabab Khan

शबाब ख़ान (वरिष्ठ पत्रकार)

नई दिल्ली: अखिल भारतीय मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद को एक पत्र लिखकर कहा है कि केंद्र द्वारा त्वारित तीन तलाक के अपराधीकरण के लिए लाया गया विधेयक देश में मुसलमानों की भर्त्सना करने और खलनायक बनाने का प्रयास है।

मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को ‘विवाह विधेयक के तहत मुस्लिम महिला संरक्षण अधिकार’ को संसद के दोनों सदनों, लोकसभा और राज्यसभा में पेश करने के लिए मंजूरी दे दी है।

मसौदा कानून के तहत, किसी भी रूप में तीन तलाक, चाहे वह बोल के दिया जाये, लिखित रूप में या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से  जैसे ईमेल, एसएमएस और व्हाट्सएप को अवैध और शून्य माना जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त में अपने फैसले में, तत्काल तीन तलाक को असंवैधानिक और गैरजरूरी प्रथा बताया था जो पीड़ित मुस्लिम महिलाओं को नर्क जैसी स्थिति का सामना करने को मजबूर करती है।

अपने चिरपरिचित अंदाज में हमला करते हुये फायरब्रांड नेता ओवैसी ने लिखा कि कानून लागू करने के मामले में विधेयक मुसलमानों की गिरफ्तारी और उत्पीड़न के लिए एक उपकरण साबित हो सकता है। ओवैसी ने तत्काल तीन तलाक को गैरकानूनी बनाने के लिए कानून बनाने के प्रयास को व्यर्थ बताया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा कानून मुस्लिम महिलाओं को राहत प्रदान करने के लिए पर्याप्त हैं।

“यह अफसोसजनक है कि लैंगिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण संवैधानिक मूल्य का इस्तेमाल केवल उन्मत्त राजनीतिक लक्ष्यों के लिए किया जा रहा है।” ओवैसी ने लिखा।