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भारत ने एक बार फिर जमाई अंतरिक्ष पर धाक

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तौज़ीहा यास्मिन की रिपोर्ट,

नई दिल्ली। आज का दिन भारत के लिए बहुत ही ऐतिहासिक माना जा रहा है क्योंकि 22 जुलाई यानि आज के दिन अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानि इसरो ने चंद्रयान – 2 को लॉन्च कर इतिहास रच दिया है।

आज दोपहर 2 बजकर 43 मिनट पर बाहुबली रॉकेट (GSLV MK-3) द्वारा अंतरिक्ष में सफलता पूर्वक भेजा गया। आपको बता दें कि 640 टन वजनी इस रॉकेट की लागत 375 करोड़ रुपये है। वहीं चंद्रयान-2 की कुल लागत 603 करोड़ रुपये है। यह पल भारत के लिए बहुत ही यादगार पल माना जा रहा है।

इस खास मौके पर इसरो प्रमुख के सिवन ने कहा कि इस मिशन के लिए पिछले 24 घंटे बहुत महत्वपूर्ण रहे। उन्होंने इस सफलता के लिए पूरे टीम को बधाई दी। उनकी मेहनत को सलाम किया। उन्होंने कहा कि पूरी टीम पिछले एक साल से इस मिशन में पूरी तरह जुटी हुई थी और पिछले हफ्ते यानि 15 जुलाई को रॉकेट में तकनिकी खराबी का पता चलने के बाद तो जैसे टीम ने खाना पीना छोड़ दिन रात काम किया ताकि इस सुनहरे सपने को सच कर सकें।

साथ ही उन्होंने यह भी कहा चंद्रयान-2 की लैंडिंग के अखिरी के 15 मिनट सबसे महत्वपूर्ण होंगे। जब लैंडर विक्रम चंद्रमा की सतह पर उतरने वाला होगा। उन्होंने कहा कि मिशन पूरी तरह से कामयाब सबित होगा और चंद्रमा पर नई चीजों की खोज करने में सफल रहेगा।

अब तक विश्व के केवल तीन देशों अमेरिका, रूस व चीन ने चांद पर अपना यान उतारा है। 2008 में भारत ने चंद्रयान-1 लॉन्च किया था। यह एक ऑर्बिटर अभियान था। ऑर्बिटर ने 10 महीने तक चांद का चक्कर लगाया था। चांद पर पानी का पता लगाने का श्रेय भारत के इसी अभियान को जाता है।