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भारत दुनिया के कई देशों को बांट रहा कोरोना वैक्सीन, अमेरिका ने भारत को बताया ‘सच्चा मित्र’

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नयी दिल्ली। भारत जिस प्रकार अपने दो-दो स्वदेशी कोरोना वैक्सीन से पूरी दुनिया की मदद कर रहा है, उसको लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की है. डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक गेब्रिशियस टेड्रोस ने पीएम मोदी का आभार जताते हुए कहा कि भारत कोरोना के खिलाफ संघर्ष में अपनी तरफ से लगातार वैश्विक स्तर पर सहयोग कर रहा है, जो सराहनीय है.

 डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस ने कहा कि जब सभी देशों की सरकारें एक साथ मिलकर कोरोना के खिलाफ अभियान में काम करेगी, तभी हम कोरोनावायरस पर काबू पा सकेंगे. ऐसा कर हम न केवल वायरस के प्रसार को रोक सकते हैं, बल्कि जीवन को बचाने में भी अहम रोल निभा सकते हैं. इससे पहले भी टेड्रोस ने दूसरे देशों को वैक्सीन उपलब्ध कराने के लिए भारत की प्रशंसा की थी.
बता दें कि पूरी दुनिया की निगाह उस वक्त भारत पर थी जब 16 जनवरी को भारत में दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान की शुरुआत की गयी थी. पहले फेज में भारत में तीन करोड़ लोगों को कोरोना का स्वदेशी टीका लगाया जायेगा. भारत में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के कोरोना वैक्सीन कोविशील्ड और भारत बायोटेक के कोवैक्सीन को इस्तेमाल की मंजूरी मिली है.

अमेरिका ने भारत को बताया ‘सच्चा मित्र’

अनेक देशों को कोविड-19 के टीके भेंट करने वाले भारत की प्रशंसा करते हुए अमेरिका उसे ‘सच्चा मित्र’ बताया और कहा कि वह वैश्विक समुदाय की मदद करने के लिए अपने दवा क्षेत्र का उपयोग कर रहा है. भारत बीते कुछ दिन में अपने यहां बने कोविड-19 टीकों की खेप भूटान, मालदीव, नेपाल, बांग्लादेश, म्यामां, मॉरीशस और सेशेल्स को मदद के रूप में भेज चुका है. सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील और मोरक्को को ये टीके व्यावसायिक आपूर्ति के रूप में भेजे जा रहे हैं.

अमेरिका के विदेश विभाग के दक्षिण एवं मध्य एशिया ब्यूरो की ओर से शुक्रवार को ट्वीट किया गया, ‘वैश्विक स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत की भूमिका की सराहना करते हैं जिसने दक्षिण एशिया में कोविड-19 की लाखों खुराकें दीं. भारत ने टीकों की नि:शुल्क खेप भेजने की शुरुआत मालदीव, भूटान, बांग्लादेश और नेपाल से की तथा अन्य देशों की भी इसी प्रकार मदद की जायेगी.’ इसमें कहा गया, ‘भारत एक सच्चा मित्र है जो अपने दवा क्षेत्र का उपयोग वैश्विक समुदाय की मदद करने में कर रहा है.’

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