BREAKING NEWS
Search
note

कैशलेस ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के लिए केन्द्र सरकार का बड़ा कदम, बन्द हो सकती है कैश यह व्यवस्था

363

आवृति गौतम की रिपोर्ट,

नई दिल्ली। केन्द्र सरकार देश में कैशलेस ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने और कालेधन के कारोबार पर लगाम लगाने के बाद अब डिजिटल ट्रांजैक्शन बढ़ाने के लिए अगला कदम उठाते हुए देश से चेकबुक व्यवस्था को पूरी तरह से खत्म करने का फैसला ले सकती है.

मिली जानकारी अनुसार अखिल भारतीय व्यापारी परिसंघ का दावा है कि केन्द्र सरकार जल्द ही चेकबुक की व्यवस्था को खत्म करने का फरमान सुना सकती है. परिसंघ के जनरल सेकेट्री प्रवीण खंडेलवाल के अनुसार सरकार क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड के इस्तेमाल को लगातार बढ़ावा दे रही है. और अब इस माध्यम को और सुचारू रूप से चलाने के लिए वह जल्द चेकबुक की सुविधा को भी खत्म करने की पहल कर सकती है.

प्रवीण खंडेलवाल के अनुसार नोटबंदी से पहले तक केन्द्र सरकार लगभग 25 हजार करोड़ रुपये नई करेंसी की छपाई और 6 हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त रकम करेंसी की सुरक्षा पर खर्च करती थी. इस खर्च को देखते हुए ही केन्द्र सरकार देश की अर्थव्यवस्था को कैशलेस में बदलना चाहती है.

हालांकि अभी केन्द्र सरकार को चेक व्यवस्था को खत्म करने के लिए कानूनी पहल करने की जरूरत है. बता दें कि बैंकों द्वारा जारी किया जाने वाला चेक बैंकिंग कानून में बतौर फाइनेनशियल इंस्ट्रूमेंट शामिल है. लिहाजा, चेक को फाइनेनशियल इंस्ट्रूमेंट की सूचि से बाहर करने के लिए उसे रिजर्व बैंक के जरिए बैंकिंग कानून में बदलाव करने की जरूरत है.