PM Modi

देश ने देख लिया कि हॉवर्ड वालों और हार्ड वर्क वालों की सोच में क्या फर्क है? : नरेंद्र मोदी

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Shawab Khan

शबाब ख़ान

प्रधानमंत्री मोदी का यह बयान नोटबंदी के बाद अर्थव्यवस्था के लिए जताई गई आशंकाओं के जवाब में आया है। जीडीपी की विकास दर सात फीसदी रहने के नए आंकड़ों पर उन्होंने कहा, ‘एक तरफ हॉवर्ड की बातें करने वाले हैं और दूसरी तरफ गरीब मां का बेटा है जो हार्ड वर्क से देश की इकनॉमी बदलने में लगा है।’

केंद्रीय सांख्यिकी संगठन के अनुसार अक्टूबर से दिसंबर की तिमाही में जीडीपी की रफ्तार में बहुत मामूली गिरावट आई है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर भी निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘उत्तर प्रदेश में जीवन छोटा और अनिश्चित है, यह मैं नहीं कह रहा हूं और न ही यमराज की कोई चिट्ठी आई है, यह खुद यूपी सरकार की वेबसाइट कहती है।’


‘देश में राजद्रोह के कानून की व्याख्या बहुत स्पष्ट नहीं है।’  

— किरण रिजिजू, केंद्रीय गृह राज्यमंत्री

रिजिजू का यह बयान पिछले साल जवाहर नेहरु विश्वविद्यालय में देशविरोधी नारेबाजी के मामले में चार्जशीट पेश होने पर आया है। उन्होंने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा-124ए की अलग-अलग व्याख्या को प्रमुख चुनौती बताया। किरण रिजिजू ने कहा, ‘एक अदालत ने कहा कि महज देशविरोधी बयान राजद्रोह नहीं है, जब तक उसके पीछे हिंसा या उकसावे की हरकत न हो। वहीं, दूसरी अदालत ने जवाहरलाल नेहरू सरकार के खिलाफ नारेबाजी को राजद्रोह माना है।’ रिजिजू ने कहा कि राजद्रोह की सही परिभाषा होने पर ही अदालतों को अपराध की व्याख्या करने में आसानी होगी, लेकिन अभी इस दिशा में सरकार ने कोई पहल नहीं की है।


‘सैन्य अधिकारी की बेटी की बात सही है क्योंकि कोई भी युद्ध नहीं चाहता है।’

— अनुपम खेर, अभिनेता

अनुपम खेर ने यह बात दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा गुरमेहर कौर को लेकर कही। कौर ने एक वीडियो में कारगिल युद्ध में अपने पिता की शहादत के लिए पाकिस्तान को नहीं बल्कि युद्ध को जिम्मेदार बताया था। खेर ने आगे कहा कि सीमा पर सैनिक देश की सुरक्षा करने के लिए होता है, न कि गोली खाने के लिए। उनका यह भी कहना था कि कुछ लोग गुरमेहर कौर की बातों को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं और ये वही लोग हैं जो पहले ऐसा कर चुके हैं। अनुपम खेर का इशारा जेएनयू में कथित देशविरोधी नारेबाजी और उसके बाद राजनीतिक दलों के टकराव की तरफ था।


‘प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मां गंगा ने गुजरात से बुलाया है, क्या मां गंगा के एक ही बेटा है?’

— राहुल गांधी, कांग्रेस के उपाध्यक्ष

राहुल गांधी का यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर झूठे वादे करने का आरोप लगाते हुए आया। कुशीनगर में एक रैली में उन्होंने कहा कि ढाई साल बीत गए लेकिन, प्रधानमंत्री को किसानों की याद नहीं आयी और अब उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार बनने पर वे किसानों की कर्जमाफी का वादा कर रहे हैं। राहुल गांधी का कहना था कि किसान खुदकुशी कर रहे हैं, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी तक उनकी आवाज नहीं पहुंच रही है। कांग्रेस उपाध्यक्ष के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी किसानों और युवाओं के लिए नहीं, बल्कि धनी लोगों के लिए काम कर रहे हैं।


‘नाटो के सभी सदस्य देश अपनी जीडीपी का दो फीसदी रक्षा पर खर्च करने के लिए तैयार नहीं हैं।’

— सिगमर गैबरियल, जर्मनी के विदेश मंत्री

सिगमर गैबरियल का यह बयान नाटो देशों द्वारा रक्षा बजट बढ़ाने के उनके वादे पर संदेह जताते हुए आया। उन्होंने कहा कि अभी तक किसी भी नाटो देश ने दो फीसदी लक्ष्य पाने की दिशा में कोई खास पहल नहीं की है। नाटो देशों के बीच 2014 में वर्षों से जारी रक्षा बजट में कटौती को खत्म करने और 2024 तक इसे बढ़ाकर दो फीसदी करने पर सहमति बनी थी। जर्मनी अभी अपनी जीडीपी का 1।2 फीसदी ही रक्षा पर खर्च करता है। गैबरियल का कहना था कि जीडीपी का दो फीसदी रक्षा बजट पर खर्च करना कोई अंतिम लक्ष्य नहीं है, लेकिन सभी सदस्यों को इस दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।