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Rapist Ram Rahim

5000 रुपये का 1 पपीता और 1000 रुपये की 1 मिर्च बेचता था रेपिस्ट राम रहीम

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बलात्कारी बाबा एक हजार रुपए की हरी मिर्च, दो हजार रुपए के मटर के 10 दाने और तीन हजार रुपए का एक बैंगन देता था…

Chandan kumar

चंदन कुमार

नई दिल्ली। राम रहीम को लेकर आए दिन नए खुलासे हो रहे हैं नई जानकारी के मुताबिक, 700 एकड़ की खेती में बाबा को लेबर की कभी कोई दिक्कत नहीं आई। बाबा के अंधभक्त मुफ्त में डेरे के खेतों में सेवा करते थे, सेवा के नाम पर 100 एकड़ जमीन की निराई एक दिन में हो जाती थी। गुरमीत राम रहीम अपने भक्तों को सोने के भाव से सब्जियां बेचा करता था।

वो अपने ‘अंधभक्तों’ को महंगे दामों में सब्जी बेचता था। राम रहीम 5000 रुपये में एक पपीता अन्धभक्तों की झोली में डालता था। बाबा के हाथ की उगी सब्जी बता कर डेरे के कर्मचारी भक्तों को हजारों के दाम में बेच देते थें। बलात्कारी बाबा एक हजार रुपए की हरी मिर्च, दो हजार रुपए के मटर के 10 दाने और तीन हजार रुपए का एक बैंगन देता था।

honeypreet Insan, ram rahim

Janmanchnews.com

दरअसल, सिरसा में राम रहीम का डेरा करीब 800 एकड़ में फैला है, जिसके बड़े हिस्से में खेती की जाती है। इन खेतों में उगने वाली सब्जियों को राम रहीम अपने भक्तों को सोने के दाम पर बेचता था।

मसलन एक हरी मिर्च एक हजार रुपए की, एक छोटा बैंगन एक हजार रुपए का, बैंगन का साइज बड़ा हो तो दाम भी दोगुने यानी दो हजार हो जाते हैं, मटर के पांच दानों का पैक एक हजार रुपए तक मिलता है। सब्जी को भक्तों के घर पहुंचाने का जिम्मा भंगीदास का होता था। भंगीदास डेरे के वो भक्त हैं जो नाम चर्चा घर में मंच का संचालन करते हैं।

ग्रामीण और शहरी नाम चर्चा घरों के भंगीदार अलग-अलग होते हैं, फिर इन दोनों के ऊपर ब्लॉक का भंगीदास होता है। डेरा को घर-घर से जोड़ने के लिए ही राम रहीम ने भंगीदास प्रथा बनाई थ।

Ram Rahim

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राम रहीम के भक्त अंधविश्वास में इन सब्जियों को खरीदते थे। अंधभक्ति ऐसी थी कि बाबा के बाग की सब्जी का स्वाद हर कोई चखना चाहता था। परिवार के एक सदस्य को भी हजारों की कीमत का मटर का एक दाना मिलता तो वो खुद को धन्य समझता।

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बताया जा रहा है कि हफ्ते-पंद्रह दिन में एक बार डेरे की सब्जी को गुरमीत राम रहीम का एक आदमी सभी तक पहुंचाता था। वो उसका पैकेज बनाकर उसे डेरा भक्तों को बेचता था। सब्जी से इकट्ठा होने वाला पैसा डेरा मैनेजमेंट को भेजा जाता था।