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यूपी का अंधा कानून, यहां पुलिस ही चला रही थी अपहरण और फिरौती का धंधा….!

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SSP लखनऊ व कई संपादकों सहित 21 लोंगो पर मुक़दमे की अर्जी, सीजेएम कोर्ट ने थाने से मांगी आख्या….          

Priyesh Shukla

प्रियेश शुक्ला

नई दिल्ली। यह यूपी है, कहने के लिए यहां कानून का राज चलता है। पर यह जान के आप चौंक जाएंगे कि यहां कानून की आड़ में क्या-क्या चलता है?

जो पुलिस थानों में बैठ कर दूसरों को कानून का ककहरा पढ़ाती है और वही पुलिस कानून व ईमान बेचकर अपहरण और फिरौती का धंधा करती है। यूपी पुलिस का यही काला स्याह सच आज सामने आया है, जिसे सुनकर कानून को भी शर्म आ जायेगी।

मामला राष्ट्रीय कृषि आयात-निर्यात परिषद लखनऊ के चेयरमैन काशीनाथ तिवारी और इनके कर्मचारी संदीप के अपहरण से जुड़ा है। जिसमें बोलेरो जीप यूपी 41 जी 0166 में सवार लगभग 7 लोगों ने काशीनाथ और संदीप का अपहरण कर लिया और अपहरण के बाद हजरतगंज थाने के पीछे ले जाकर बिजली के शॉट से टार्चर किया गया।

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फिर इसके बाद एसएसपी लखनऊ राजेश कुमार पांडेय और अपर पुलिस अधीक्षक क्राइम के सामने बैठाया गया और डरा धमका कर छोड़ने के एवज में 1 करोड़ रुपये फिरौती की मांग की गई। धीरे-धीरे कानून का चेहरा सामने आने लगा। काशीनाथ और संदीप जिसे अब तक बदमाश समझ रहे थें, वो सादे कपड़ों में एसएसपी लखनऊ के गुर्गे थें जो एसएसपी के इशारे पर इन दोनों को उठा कर लाये थें।

काशीनाथ तिवारी एक व्यवसायी और कई फर्मो के मालिक है जो एसएसपी के जानकारी में था। इस लिए एसएसपी ने समय और परिस्थितियों का फायदा उठाने के लिए करोड़ो रूपये की मांग छोड़ने के बदले कर दी। करोड़ो रूपये एसएसपी के मकान बनवाने के बदले उसके लोगो द्वारा मांगा जाने लगा। वो भी धमकी के साथ। बीच-बीच मे गंभीर पिटाई भी की गई।

इसके बावजूद भी जब करोड़ो रूपये की डिमांड नही पूरी हुई तो इनके पत्नी के पास इन्ही के मोबाईल से फोन कर रुपये की मांग की गई। पत्नी ने 4.5 लाख रुपये का इन्तेजाम कर एसएसपी को दिया। जब कि वहां मौजूद लोगों ने महिला की सोने की माला और अंगूठी जबरदस्ती छीन लिए। फिर भी दोनों को न छोड़ते हुए जेल भेज दिया गया।

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इसी उक्त मामले में काशीनाथ तिवारी ने आरोप लगाते हुए न्यायालय, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी लखनऊ में अर्जी देकर एसएसपी राजेश कुमार पांडेय, अपर पुलिस अधीक्षक क्राइम, एसआई अक्षय कुमार, नावेंद्र सिरोही, मधुकांत मिश्र, थानाध्यक्ष आलोक मणि त्रिपाठी, फजलुर्रहमान, मो शरीफ, लवकुश मिश्र, बृजेश कुमार, राजाराम पांडेय, धीरज बाबू वर्मा पुत्र के वी वर्मा, विजयपाल पुत्र सोहन सिंह, सर्वेश कुमार पुत्र भमर पाल सिंह, राजीव कुमार पुत्र घर्मवीर सिंह सहित एबीपी न्यूज़, आजतक, दैनिक जागरण, अमर उजाला, नव भारत टाइम्स और हिंदुस्तान के संपादकों के भी खिलाफ मुक़दमे की अर्जी दी गयी है।

मुकदमें के लिए अर्जी राष्ट्रीय कृषि आयात निर्यात परिषद के चैयरमैन काशीनाथ तिवारी की तरफ से न्यायालय मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी लखनऊ को दी गयी है।

मुकदमें के लिए अर्जी राष्ट्रीय कृषि आयात निर्यात परिषद के चैयरमैन काशीनाथ तिवारी की तरफ से न्यायालय मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी लखनऊ को दी गयी है। जिसका संज्ञान लेते हुए सीजेएम संध्या श्रीवास्तव ने थाना इंदिरा नगर लखनऊ को तलब कर संबंधित के मामले में आख्या मांगा है।