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कश्मीर में पाकिस्तान के रास्ते ‘तीसरे देश’ की सेना प्रवेश कर सकती है: चीनी मीडिया

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चीनी धमकी को नज़रअंदाज कर भारतीय सेना नें विवादित डोकलाम क्षेत्र में गाड़े अपने तंबु…

Shabab Khan

शबाब ख़ान

नई दिल्ली: चीनी विचार समूह के एक विश्लेषक ने रविवार को कहा कि जिस तरह भूटान की ओर से सिक्किम सेक्टर के डोकलाम इलाके में चीनी सेना द्वारा किये जा रहे सड़क निर्माण को भारतीय सेना ने रोका, उसी तर्क का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान के आग्रह पर कश्मीर में ‘तीसरे देश’ की सेना घुस भी सकती है।

चाइना वेस्ट नॉर्मल यूनिवर्सिटी में भारतीय अध्ययन केंद्र के निदेशक लांग जिंगचुन ने ‘ग्लोबल टाइम्स’ में लिखे अपने एक अार्टिकल में कहा है,

‘अगर भारत से भूटान के क्षेत्र को बचाने का आग्रह किया भी जाता है तो यह उसके स्थापित क्षेत्र तक हो सकता है, विवादित क्षेत्र के लिए नहीं।’ आलेख में कहा गया है कि ‘वरना, भारत के तर्क के हिसाब से अगर पाकिस्तान सरकार अनुरोध करे तो तीसरे देश की सेना भारत नियंत्रित कश्मीर सहित भारत और पाकिस्तान के बीच विवादित क्षेत्र में घुस सकती है।’

चीन के सरकारी मीडिया ने डोकलाम तकरार पर भारत की आलोचना करते हुए कई आलेख प्रकाशित किए हैं, लेकिन पहली बार संदर्भ में पाकिस्तान और कश्मीर को लाया गया है।

भारत के विदेश मंत्रालय की ओर से 30 जून को जारी बयान का जिक्र करते हुए इसमें कहा गया है, ‘भारतीय सैनिकों ने भूटान की मदद के नाम पर चीन के डोकलाम इलाके में प्रवेश किया, लेकिन घुसपैठ का मकसद भूटान का इस्तेमाल करते हुए भारत की मदद करना है।’ गौरतलब है कि सिक्किम सीमा पर भारतीय सेना और चीनी सेना में तनातनी के बाद दोनों देशों के बीच तल्खी बढ़ गई है। दोनो देश एक दूसरे से बातचीत के जरिए मामले का हल निकालनें के पक्ष में फिलहाल नही दिख रहे।

इस बीच भारत, चीन, भूटान ट्रॉस्सेक्शन पर भारतीय सेना नें चीनी गीदड़ भभकी को नज़रअंदाज करते हुए अपनें तंबू गाड़ दिए है, और सीमा पर तैनात सेना के लिए भरपूर मात्रा में रसद, हथियार, गोला-बारूद भेजे जाने की सूचना मिली है, जिससे यह सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि भारतीय सेना को डोकलाम सेक्टर पर लंबे समय तक बने रहने का आदेश रक्षा मंत्रालय से मिला है।

ज्ञात हो चीन इस क्षेत्र में सड़क निर्माण कर रहा था, जिसके माध्यम से चीन भारत पर आसानी से नजर रख सकता था। इस सड़क का निर्माण भारत की सुरक्षा नीति के तहत बहुत संवेदनशील माना जा रहा है।

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