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नेताओं की उड़ी नीदें, बढ़ी धड़कने, गुजरात और हिमाचल में गिनती आज

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गुजरात विधानसभा चुनाव में मोदी के प्रचंड प्रचार अभियान ने लगाया उनकी प्रतिष्ठा को दांव पर…

Shabab Khan

शबाब ख़ान (वरिष्ठ पत्रकार)

नई दिल्ली: प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के गृह राज्य गुजरात में महत्वपूर्ण और बहुचर्चित विधानसभा चुनावों की गिनती आज होने वाली है। हिमाचल प्रदेश विधानसभा की 68 सीटों के लिए हुये चुनाव की गिनती भी मतदान के करीब 40 दिनों के बाद आज ही होगी।

एक्जिट पोल पर विश्वास करें तो भाजपा दोनो राज्यों में बहुमत के साथ सरकार बना रही है।

बीजेपी गुजरात में लगातार छठी बार अपनी दावेदारी पेश कर रही है, उसनें नब्बे के दशक के मध्य में सत्ता पर कब्जा किया था जो अब तक जारी था, अगली पारी भी बीजेपी ही खेलेगी यह आज पता चल जाएगा, जबकि विपक्षी दल कांग्रेस राहुल गांधी के नेतृत्व में जबरदस्त अभियान के साथ वापसी का प्रयास कर रही है। दोनो प्रतिद्वंद्धी शिविर हिमाचल में अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं।

इस चुनाव में सबसे खास बात यह रही कि राज्य में युवा नेताओं की एक नई जमात पूरे आत्मविश्वास के साथ समाजिक सक्रियता से मुख्य धारा की राजनीति में पैठ बनाने को आतुर नजर आयी- जिग्नेश मेवानी, अल्पेेश ठाकोर और हर्दिक पटेल। ओबीसी नेता ठाकोर कांग्रेस में शामिल हुए और राधानपुर से चुनाव लड़े, जबकि दलित कार्यकर्ता मेवानी निर्दल चुनाव लड़े, मगर वो भी कांग्रेस द्वारा समर्थित हैं। पाटीदार आंदोलन के नेता हर्दिक पटेल हालांकि चुनाव नहीं लड़े, लेकिन उन्होंने भाजपा के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाया, जिसका फायदा शर्तिया कांग्रेस को मिलेगा।

इन चुनावों को प्रचंड प्रचार अभियान और जीत के लिए प्रतिद्वंदियों पर गंभीर आरोप लगाने के लिए, विशेषकर गुजरात चुनाव, को याद किया जाएगा। जिसमें प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी नें अपने पूर्ववर्ती मनमोहन सिंह और कांग्रेस पर चुनाव आयोग की मिलीभगत से परिणामों में हेरफेर करने और कांग्रेस के नेता अहमद पटेल को पाकिस्तान की सहायता से मुख्यमंत्री स्थापित करने का षडयंत्र रचने का आरोप लगाया।

जहॉं तक हिमाचल प्रदेश का सवाल है, सत्तारूढ़ कांग्रेस और बीजेपी दोनो अपनी जीत के दावे कर रहीं है, जहॉं कांग्रेस नें एक्जिट पोल के नतीजों को सिरे से नकारा है, वही बीजेपी को अपनी जीत और बेहतर प्रदर्शन पर पूरा आत्मविश्वास है। स्थानीय मुद्दों पर केंद्रित एक अपेक्षाकृत कम महत्वपूर्ण अभियान में, भाजपा ने मोदी के प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित किया और अपने मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार प्रेम कुमार धूमल के अनुभव और नेतृत्व पर जोर दिया। पार्टी ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर लगे भ्रष्टाचार के अारोपों को मुख्यता से उठाया और अपने फायदे के लिए इस्तमाल किया।

गुजरात के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) बीबी स्वैन ने कहा, “राज्य में 33 जिले में 37 स्थानों पर वोटों की गिनती आयोजित की गयी है।” 182 सीटों के लिए 2000 से अधिक उम्मीदवार मैदान में हैं।

हिमाचल प्रदेश में, 68 सीटों के लिए 377 उम्मीदवार लड़े थे। बीजेपी और कांग्रेस ने सभी सीटों पर उम्मीदवारों को उतारा, जबकि बसपा ने 42 सीटों पर चुनाव लड़ा, सीपीआई (एम) 14, स्वाभिमान पार्टी और लोक गठबन्धन पार्टी ने छह-छह और सीपीआई नें 3 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा।

गिनती 42 केन्द्रों में आयोजित की जाएगी जिसमें पर्यवेक्षकों, सहायकों और सूक्ष्म पर्यवेक्षकों सहित 2,820 कर्मचारियों की तैनाती की गयी है। मुख्य चुनाव अधिकारी, पुश्पेन्द्र राजपूत ने कहा कि सभी गिनती केंद्रों पर त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है।