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नहीं मिल रहा कन्याओं को लाड़ली लक्ष्मी योजना का कोई लाभ

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Rajkumar jayaswal

राज कुमार जायसवाल

सिंगरौली। प्रदेश की शिवराज सरकार द्वारा कन्याओं या भांजियों के हित में चलाई गई लाड़ली लक्ष्मी योजना दम तोड़ती नजर आ रही हैं। जिले में सरई तहसील के झारा सेक्टर के अन्तर्गत इटमा केन्द्र क्रमांक एक में विगत पांच वर्ष से जन्मी कई कन्याओं को इस योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा हैं।

जिस कन्या को अनियमित रूप से लाभ मिल भी रही है, उसको आंगनबाड़ी कार्यकर्ता जानकी देवी साकेत के द्वारा इस प्रकार की बजह यह बताई जा रही कि राज्य शासन द्वारा लाड़ली लक्ष्मी योजना का बजट नहीं भेजा जा रहा हैं। ऐसे में कन्या जन्म के बाद हितग्राहियों को छह हजार रुपए के राष्ट्रीय बचत-पत्र नहीं दिए जा रहे हैं।

जबकि राष्ट्रीय बचत पत्र प्राप्त करने के लिए कई हितग्राही रोजाना आंगनबाड़ी केंद्र के चक्कर लगा रहे हैं। इसके बावजूद इनको फार्म जमा करने की प्राप्ति रसीद नहीं दी जा रही हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से लेकर सुपर बाइजर लाड़ली लक्ष्मी योजना को पलीता लगा रहे हैं।

बालिका जन्म के प्रति जनता में सकारात्मक सोच, लिंगानुपात में सुधार, बालिकाओं की शैक्षणिक स्तर तथा स्वास्थ्य की स्थिति में सुधार तथा उनके अच्छे भविष्य की आधारशिला रखने के उद्देश्य से मप्र में एक अप्रैल 2007 से लाड़ली लक्ष्मी योजना लागू की गई हैं। हाल में इस योजना का कई कन्याओं को लाभ दिया गया।

लेकिन अब इस योजना का लाभ तो दूर यह भी पता नहीं चल रहा है कि उनका फार्म जमा भी हुआ हैं या नहीं क्योंकि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा न तो लोगों को जागरुक करने में रुचि ले रही है और न ही जिस परिवार में कन्या जन्म लेती हैं। उससे संपर्क कर इनको इस योजना का लाभ पहुंचा पा रही हैं, यह तो अपनी कमाई के लालच में रुपए ऐंठने में जुटी हैं।

इटमा में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की लापरवाही के कारण नवजात कन्याओं का लाड़ली लक्ष्मी योजना का लाभ नहीं दिला पा रही हैं।
योजनांतर्गत बालिका के नाम से पंजीकरण के समय से लगातार पांच वर्षों तक रुपए 6.6 हजार मप्र लाड़ली लक्ष्मी योजना निधि में जमा किए जाएंगे, अर्थात कुल राशि 30 हजार रुपए बालिका के नाम से जमा किए जाएंगे।

बालिका के कक्षा छह में प्रवेश लेने पर दो हजार रुपए, कक्षा नौवीं में प्रवेश लेने पर चार हजार रुपए कक्षा 11वीं में प्रवेश लेने पर छह हजार रुपए तथा 12वीं कक्षा में प्रवेश लेने पर छह हजार रुपए ई-पेमेंट के माध्यम से किया जाएगा। अंतिम भुगतान एक लाख रुपए बालिका की आयु 21 वर्ष होने पर तथा कक्षा 12वीं परीक्षा में शामिल होने पर भुगतान की जाएगी। किंतु शर्त यह होगी कि बालिका का विवाह 18 वर्ष की आयु के पूर्व न हुआ हो।

ग्रामीणों को आरोप है कि इस केंद्र में पदस्थ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता जानकी देवी साकेत ने आज तक लाड़ली लक्ष्मी योजना के लाभ लेने के लिए अभियान तक नहीं चलाया एवं घर बैठे कर हर तरह की सूची बनाकर उच्च पदाधिकारियों तक भेजती रहती हैं। जिसमें हम लोगों को पता तक नहीं चलता कि कौन सा नियम लागू हो गया हैं।

साथ ही उन्होंने बताया कि हमारे गांव में कई कन्याओं को लाड़ली लक्ष्मी योजना लाभ लेने से वंचित कर रही हैं। इस लिए वहां के ग्रामीण जिला कार्यक्रम पदाधिकारी जी अनुरोध करते हैं कि आप पुनः से इस गांव में विगत पांच वर्षों से जन्मे कन्याओं का लाड़ली लक्ष्मी योजना लाभ दिलवाने के लिए अभियान चलाने का आदेश जारी करें ताकि विगत पांच वर्षों से लाड़ली लक्ष्मी योजना से वंचित कन्याओं को भी लाभ प्राप्त हो सकें।