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शिशुगृह

मिर्जापुर: जिले के लावारिस नवजात भेजे जा रहे इलाहाबाद

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जिले में नही है कोई बाल संरक्षणगृह…

Aslam Ali

असलम अली

 

 

 

 

 

 

मिर्जापुर: जिले में लावारिस मिले नवजात शिशुओं को रखने के लिए कोई जगह नहीं हैं। यदि कहीं भी लावारिस शिशु मिलते हैं तो कागजी औपचारिकता पूरी करने के बाद परवरिश के लिए उनको इलाहाबाद जनपद में भेज दिया जाता है। इससे जहां बच्चों की दुर्गति हो रही है, वहीं विभागीय कर्मचारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

जिले में लावारिस शिशुओं के पालन पोषण करने के लिए एक मात्र महादेव शिशु गृह था। चार माह पूर्व एक लावारिस शिशु की मौत हो गई तो काफी हंगामा हुआ। इस मामले में राजनीति होने लगी। विभागीय अधिकारियों ने उसको बंद करा दिया। इस केंद्र को बंद कर दिए जाने से लावारिस शिशुओं को रखने व पालन पोषण के लिए संकट खड़ा हो गया।

बाल संरक्षण अधिकारी डा. रमेश ने बताया कि जब से यह केंद्र बंद हुआ है तब से ऐसे शिशुओं को रखने की समस्या खड़ी हो गई है। उन्होंने बताया कि पांच मार्च को जिगना क्षेत्र में एक लावारिस नवजात बालिका मिली थी। इसकी जानकारी होने पर वे स्वयं मौके पर पहुंचे।

यह लावारिस नवजात पूरी तरह से स्वस्थ थी। स्थानीय कई लोग बच्ची को अपने पास रखना चाहते थे। लेकिन बच्चे को सीधे- सीधे किसी को दिया नहीं जा सकता था। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि शिशु को लेने के लिए कानूनी प्रक्रिया अपनानी होगी। इसके बाद वे बालिका को मिर्जापुर ले आए। यहां विभागीय कार्रवाई पूरा करके बालिका को इलाहाबाद में राजकीय शिशु गृह शिवकुटी भेजा गया। जिन शिशुओं को भेजा जाता है उनके बारे में बराबर जानकारी ली जाती है।