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Kim jong and donald trump

उत्तर कोरिया ने ट्रम्प को नासमझ बूढ़ा कहा, अमेरिका ने भड़काऊ भाषणों पर चर्चा के लिए यूएन की बैठक बुलाई

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New Delhi: अमेरिका ने उत्तर कोरिया की तरफ से लगातार दिए जा रहे भड़काऊ भाषणों पर चर्चा के लिए संयुक्त राष्ट्र की बैठक बुलाई है। अमेरिका दिसंबर में सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता संभाल रहा है। ऐसे में इस महीने अहम मुद्दों पर चर्चा का फैसला ट्रम्प प्रशासन को करना है। एक दिन पहले ही उत्तर कोरिया ने ट्रम्प का मजाक बनाते हुए उन्हें नासमझ और खुशामद पसंद बूढ़ा बताया। सरकारी न्यूज एजेंसी केसीएनए की तरफ से कहा गया कि अमेरिका 31 दिसंबर तक उत्तर कोरिया को प्रतिबंधों में छूट का कोई प्रस्ताव दे, वरना परमाणु समझौते पर आगे कोई बात नहीं होगी।

उत्तर कोरिया पर चर्चा के लिए अचानक बैठक क्यों?
उत्तर कोरिया ने अमेरिका के साथ परमाणु अप्रसार संधि पर हस्ताक्षर करने के लिए पहले अपने ऊपर लगे प्रतिबंधों में छूट की मांग की थी। ट्रम्प ने पिछले साल ऐलान किया था कि उत्तर कोरिया के 2019 का अंत होते-होते आर्थिक प्रतिबंधों में छूट दे दी जाएगी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग-उन इसको लेकर कई बार मुलाकात भी कर चुके हैं। हालांकि, अभी तक उत्तर कोरिया को कोई छूट नहीं मिली है।

इसको लेकर उत्तर कोरिया ने नाराजगी जताई है। उसके विदेश मंत्री किम सोंग ने हाल ही में कहा था कि हमें अमेरिका के साथ लंबी बातचीत की जरूरत नहीं और अब समझौते का मौका खत्म हो गया है। किम शासन ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि साल के अंत तक छूट का नया प्रस्ताव पेश करे, ताकि परमाणु अप्रसार संधि पर आगे बातचीत हो सके।

छूट न देने के पीछे अमेरिका का क्या तर्क?
अमेरिका ने उत्तर कोरिया पर चर्चा के लिए इसी हफ्ते संयुक्त राष्ट्र में बैठक का ऐलान किया है। इसमें उत्तर कोरिया की मानवाधिकार की स्थिति का आकलन किया जाएगा। बताया जा रहा है कि बैठक में उत्तर कोरिया के हालिया मिसाइल लॉन्च और भड़काऊ भाषणों पर बातचीत होगी।

अमेरिका के दबाव में घुटने नहीं टेकेंगे: उत्तर कोरिया 

उत्तर कोरिया ने अमेरिकी राष्ट्रपति डाेनाल्ड ट्रम्प को ‘नासमझ और चापलूसी पसंद’ बूढ़ा करार देकर एक बार फिर उन पर निशाना साधा है। वरिष्ठ अधिकारी किम यंग चोल ने एक बयान में कहा कि उनका देश अमेरिका के दबाव के सामने घुटने नहीं टेकेगा, क्योंकि उसे कुछ नहीं गंवाना पड़ेगा। उन्होंने ट्रम्प प्रशासन पर परमाणु वार्ता को बचा लेने के लिए किम जोंग उन द्वारा निर्धारित साल भर की समयसीमा से पहले और मोहलत हासिल करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।