CAA Hongkong

हांगकांग में प्रवासी भारतीयों ने किया सीएए का समर्थन

366

हांगकांग। हांगकांग में दंगों के बीच प्रवासी भारतीयों का एक समूह, 24 जनवरी, 2020 को नागरिकता संशोधन अधिनियम के समर्थन में एकजुट हुआ। सैकड़ों प्रवासी भारतीय झंडों और बैनर के साथ सीएए के समर्थन में नारे लगाते देखे गए कि “हम” सीएए का समर्थन करते है, ‘हांगकांग के प्रवासी भारतीय नागरिकता संशोधन अधिनियम का समर्थन करते हैं’, ‘हम सीमा पार से आने वाले अपने सभी बहनों-भइयों का खुले दिल से स्वागत करते हैं।’

यह गतिविधि सीएए कानून के इर्द-गिर्द “गलत सूचनाओं और मिथकों को दूर करने” के साथ-साथ घृणा, झूठ और सर्वथा गैरबराबरी के प्रचार को रोकने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी।

आयोजक सोहन गोयनका, अध्यक्ष, ओएफबीजेपी (चीन और हांगकांग) ने कहा, सीएए के विरोध में होने वाला प्रदर्शन गैर वाजिब है, यह कानून किसी के अधिकारों का हनन नहीं करता। सरकार की मंशा बिल्कुल साफ है। उनका उद्देश्य केवल अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के हिंदुओं, सिखों, बौद्धों, जैनियों, पारसियों और ईसाइयों जैसे अल्पसंख्यक समुदायों को नागरिकता प्रदान करता है। यह 31 दिसंबर, 2014 को या उससे पहले भारत में आने वाले इन समुदायों पर लागू होगा। यह किसी भी नागरिक के मौजूदा अधिकारों का हनन नहीं करता है।

CAA Hongkong

Photo: NRIs in Hongkong Came in Support of CAA

ओएफबीजेपी (चीन और हांगकांग) के उपाध्यक्ष राजू सबनानी ने कहा कि सीएए बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान जैसे देशों में अपने धार्मिक विश्वासों के लिए सताए गए लोगों के मानवाधिकारों को बनाए रखने में मदद करेगा। उन्हें अवैध प्रवासी नहीं माना जाएगा। इसके अतिरिक्त, इन समुदायों के लिए प्राकृतिक नागरिकता के लिए अनिवार्य निवास अवधि को घटाकर पांच साल कर दिया जाएगा।