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ODF village scam

देवरिया: 65 लाख के घोटाले में घिरे प्रधान और सचिव, जाँच के नाम पर हुई लीपापोती

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– ओ.डी.एफ गाँव में घोटाले की गंध…

– ग्रामीणों ने 32 बिन्दुओं पर जिलाधिकारी से की थी शिकायत…

– वर्ष 2016 से 2019 के बीच हुए कार्यो में हुआ गड़बड़झाला…

– ग्रामसभा में खड़ंजा नाली सोलर और शौचालय के नाम पर हुई खुली लूट…

– मामले की जांच करने पहुँचे अधिकारियों का ग्रामीणों ने किया विरोध, प्रधान को बचाने का लगाया आरोप…

Priyesh Kumar "Prince"

प्रियेश कुमार “प्रिंस”

देवरिया (उत्तर प्रदेश)। जनपद देवरिया के बैतालपुर विकास खण्ड के अन्तर्गत ग्रामसभा कोइलगढ़हा में वर्षो से दफ़न घोटाले का राज ग्रामीणों के शिकायत के बाद खुल गया है। कोइलगढ़हा के ग्रामीणों ने गांव के वर्तमान प्रधान सरोज कुमार यादव और सचिव राजीव शंकर पर वर्ष 2016 से 2019 के बीच कराए गए कार्यो की जाँच के लिए जिलाधिकारी अमित किशोर से 32 बिंदुओं पर शिकायत की थी। शिकायत को सज्ञान में लेते हुए जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को कार्यवाही हेतु आदेशित किया था, जिसपर मुख्य विकास अधिकारी ने मामले की जांच हेतु टीम गठित की और सहायक अभियंता ग्रामीण अभियन्त्रण विभाग देवरिया को जांच अधिकारी नामित किया था।

बताते चले कि ग्रामसभा कोइलगढ़हा के रवि कुमार मिश्रा, चंद्रभान पटेल, मनोज श्रीवास्तव, सुंदर निषाद,सुभाष निषाद ,रामा प्रसाद व अन्य ग्रामीणों ने शपथ पत्र देकर ग्रामसभा में कराए गए कार्यो की 32 बिन्दुओ पर प्रधान और सचिव के ख़िलाफ़ जिलाधिकारी से शिकायत की थी। शिकायत पत्र वर्तमान प्रधान और सचिव पर नाली खड़ंजा सोलर पैनल और स्ट्रीट लाइट आदि के नाम पर आवंटित धन का बंदर बाट करने का आरोप लगाया है। शिकायती शपथ पत्र में वर्षवार कराए गए कार्यो के नाम पर धन अवमुक्त कराकर प्रधान और सचिव ने बड़ी लूट की है जब कि जिस काम के नाम पर धन आवंटित हुआ था उस जगह कोई भी काम धरातल पर नही हुआ है। इस लिहाज से जो भी काम कराए गए है वह सिर्फ कागज़ी रूप से फ़रेबी आकड़ो के रूप में दर्ज है जो लगभग 65, 77 450 लाख रुपये से भी अधिक के घोटाले की तरफ इशारे कर रहे है।

– घोटालेबाजो ने जच्चा – बच्चा केंद्र को भी नही छोड़ा…

ग्राम सभा कोइलगढ़हा में परिवार कल्याण द्वारा चल रहे जच्चा-बच्चा केन्द्र की मरम्मत के लिए 2 लाख 35 हजार का धन अवमुक्त हुआ था।लेकिन प्रधान द्वारा अभी तक मरम्मत का कार्य नही कराया जा सका है और प्रधान और सचिव ने धन का बंदरबाट कर लिया। इसी हिसाब से स्ट्रीट लाइट आर ओ वाटर प्लांट सोलर लाइट और नाली खड़ंजे के नाम पर खुली लूट की गई है।

– ओ डी एफ गाँव मे भी नही बना शौचालय…

कोइलगढ़हा ग्राम सभा मे कुल 556 शौचालय स्वीकृत हुए थे। लेकिन आज तक कुल स्वीकृत शौचालयों में से आधे से अधिक शौचालय अभी भी अधूरे पड़े हुए है। फिर भी प्रधान और सचिव ने आकड़ो की बाजीगरी करके गाँव को ओ डी एफ घोषित करा लिया गया है।

– आख़िर क्यो हो रही है जांच के नाम पर लीपापोती…

ग्रामीणों के शिकायत के बाद जिलाधिकारी ने मुख़्य विकास अधिकारी को कार्यवाही के आदेश दिए थे।जिस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने सहायक अभियंता ग्रामीण अभियन्त्रण विभाग को जांच अधिकारी नामित किया था। लेकिन नामित जांच अधिकारी जब नियत समय पर कोइलगढ़हा जांच करने पहुचे तो ग्रामीणों ने यह कह के विरोध जताया कि आप विन्दुवार शिकायतों का मौके पर जा कर जांच करे।लेकिन जांच टीम एक जगह बैठ कर जांच के नाम पर खानापूर्ति कर रहे थे। हद तो तब हो गई जब सक्षम अधिकारी शिकायती पत्र को प्रस्ताव पत्र कह कर प्रधान और सचिव को बचाने की कोशिश कर रहे थे लेकिन ग्रामीणों के विरोध के आगे एक न चली और अधिकारी मौके से बैरंग वापस हो लिए।