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सरेआम असलहे के दम पर हुई छिनैती, कानून व्यवस्था ताक पर!

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Meenakshi Mishra

मीनाक्षी मिश्रा

अमेठी। वैसे तो अमेठी कप्तान कानून व्यवस्था के मसले पर आये दिन कुछ ना कुछ अनोखा करके चर्चा में आने का प्रयास करते रहते हैं, मगर इसका असर जनपद अमेठी में बेखौफ बदमाशों पर कम ही दिखाई पड़ता है। साथ ही फरियादियों का न्याय की आस में कप्तान से रूबरू होना भी दूभर हो चला है।

कभी फरियादी द्वारा डायल 100 मिलाने पर उसी को थाने में उल्टा बन्द कर दिया जाता है, तो कभी फरियादी को सारा दिन थाने में भूखा प्यासा बन्द कर फरियाद करने पर जान से मारने तक की धमकी दी जाती है।

विदित हो कि पूर्व में गौरीगंज थाने में हुई लूट की वारदात पर किरकिरी से बचने के लिये कप्तान ने थानाध्यक्ष को आनन फानन में निलंबित कर दिया था। किंतु क्या बड़ा सवाल यह है कि अन्य थानों में हो रही सरेआम बदमाशों की दिनदहाड़े खौफनाक वारदात पर कप्तान का वही सख्त रवैया होगा। या फिर ये कहावत चरितार्थ होगी कि हांथी के दांत खाने के और व दिखाने के और हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक बीते वृहस्पतिवार को थाना अमेठी से लगभग तीन किलोमीटर दूर बेखौफ बदमाशों द्वारा दिनदहाड़े छिनैती की वारदात को अंजाम दिया गया। थाना धम्मौर शहरी निवासी गजाधर सिंह बाईक से पत्नी मीरा सिंह को लेकर भूपतिपुर जा रहे थे।

रामनगर रामदयपुर के बीच अज्ञात बदमाशों ने ओवर टेक करके बाईक रोकी और असलहे के बट से घायल कर दिया। पत्नी की कनपटी पर असलहा लगाकर एक सोने की चैन एवं पांच हजार की छिनैती कर असलहा फरार हो गए।

पीड़ित ने डायल 100 पर सूचित किया। सूचना पर थानाध्यक्ष मुंशीगंज सन्तोष सिंह घटना स्थल पर पहुंचकर घायलो को प्राथमिक इलाज के लिये शाहगढ़ स्थित पी एच सी भेज दिया। उक्त वारदात दो थाना के बार्डर पर हुई जिसके चलते थानाध्यक्ष मुंशीगंज और थानाध्यक्ष अमेठी के बीच बार्डर को लेकर खींचातानी शुरू हुई। जिस पर मुंशीगंज थानाध्यक्ष ने पीड़ित को मेडिकल के लिये भेज दिया।

वहीं बाद स्थिति स्पष्ट होने पर पता चला कि उक्त घटनास्थल अमेठी थाने के अंतर्गत आता हैं। वहीं किसी भी घटना या वारदात पर अधीक्षक महोदय का विचार जानना भी सीयूजी नं ना उठने के कारण दूभर लगता है।