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परिवहन अधिकारी के अनदेखी का फायदा उठा रहे मालवाहक वाहनों के संचालक

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Rambihari pandey

रामबिहारी पांडेय

सीधी- लग्रशरा में माल वाहक वाहन भी सवारी ढोते नजर आ रहे हैं. जबकि माल वाहक वाहनों में यात्रियों का सफर खतरे से खाली नहीं होता. आलम यह है कि आर्थिक रूप से कमजोर लोग माल वाहक वाहन में ही बारात लाने ले जाने के लिए बुक कर लेते हैं और एक वाहन में आधा सैकड़ा से अधिक लोग सवार होकर बारात के लिए रवाना हो जाते हैं.

माल वाहक वाहनों में यात्रियों को लाना ले जाना मोटर व्हीकल एक्ट के तहत दंडनीय अपराध है, क्योंकि माल वाहक वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने पर जनहानि की ज्यादा संभावनाएं रहती हैं, बावजूद इसके जिले में माल वाहक वाहनों से बारात लाने ले जाने की लापरवाही लगातार जारी है. इधर ऐसे वाहन संचालकों का कार्रवाई का जिम्मा उठाने वाले मूकदर्शक बने हुए हैं.

उल्लेखनीय है कि इन दिनों लग्रशरा का दौरा चल रहा है, ऐसे में यदि मुख्यमार्गों के साथ ही ग्रामीण अंचलों के मार्गों का नजारा देखा जाए, तो कई ऐसे बाराते सहज ही दिख जाती हैं. जो माल वाहक वाहनों में सफर करती हैं. एक माल वाहक वाहन की ट्राली में आधा सैकड़ा लोग ठूस-ठूस कर भरे रहते हैं और ट्राली में खड़े होकर ही सफर करते हैं, जिससे हादसों का खतरा बना रहता है. ये अलग बात है कि इस वर्ष अभी तक ऐसा कोई हादसा नहीं हुआ, लेकिन जिस तरह से माल वाहक वाहनों में सफर किया जा रहा है उससे हादसों की संभावनाओं से इंकार भी नहीं किया जा सकता.

यात्री वाहन की जगह माल वाहक वाहन क्यों-

बारात लाने ले जाने के लिए यात्री वाहन की जगह माल वाहन बुक करने को लेकर लोगों ने बताया कि ग्रामीण अंचलों में माल वाहक वाहन सरलता से उपलब्ध हो जाते हैं.

इसके साथ ही यात्री वाहनों की अपेक्षा माल वाहक वाहन सस्ते में उपलब्ध हो जाते हैं, यात्री वाहन चाहे वह बस या मिनी बस हो या फिर फोर व्हीलर वाहन इनका किराया लग्रशरा के दौरान वाहन मालिकों द्वारा सामान्य दिनों की अपेक्षा करीब दो गुना कर दिया जाता है, जिससे ऐसे वाहनों की बुकिंग कर पाना आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के बजट के बाहर हो जाता है, लिहाजा वह माल वाहक वाहनों को ही बारात के लिए बुक कर लेते हैं.

इन माल वाहक वाहनों में ज्यादा सफर-

ग्रामीण अंचलों में ट्रैक्टर, यूटिलिटी, मिनी ट्रक 407 लगभग हर गांव में उपलब्ध होते हैं, जो नजदीक की बारातों के लिए आसानी से सस्ते दर पर उपलब्ध हो जाते हैं, लिहजा बारात के लिए आर्थिक रूप से कमजोर परिवार ज्यादातर इन्ही वाहनों को बारातियों को लाने ले जाने के लिए बुक करते हैं. इन वाहनों की ट्राली में करीब आधा सैकड़ा लोग सवार हो जाते हैं.

गत वर्ष हादसे में गई थी 21 जाने-

बारातियों से भरे माल वाहक वाहन के सोन नदी के जोगदह घाट में गत वर्ष 17 अप्रैल 2018 को पलट जाने से 21 बारातियों की घटना स्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी. जबकि, 21 लोग घायल हो गए थे. मिनी ट्रक से यह बारात देवसर अंचल से जिले के अमिलिया थाना क्षेत्र में जा रही थी, वाहन की ट्राली में करीब आधा सैकड़ा लोग सवार थे.

रात्रि करीब 10 बजे जैसे ही वाहन बहरी थाना क्षेत्र अंतर्गत सोन नदी जोगदह पुल में प्रवेश किया चालक की लापरवाही से वाहन अनियंत्रित होकर पुल के नीचे गिर गया था.