Patna High Court

धान खरीद घोटाला में हुई अबतक की कार्यवाही से नाराज हाई कोर्ट ने सरकार को खड़ी-खोटी सुनते हुए 20 तक माँगी जवाब

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Pankaj Pandey

पंकज पाण्डेय

पटना। पिछले वर्ष बिहार में धान खरीदने के नाम पर फर्जी राईस मिल द्वारा धान खरीदने की बात सामने आई थी। फर्जी राईस मिल और नकली ट्रांसपोर्टर के माध्यम से 600 करोड़ से ज्यादा की राशि गबन के इस खेल ने सियासी हड़कंप मचा दिया था। घोटाले के सामने आने के बाद कई बड़े नाम इससे जुड़े। विधानसभा में शोरशराबा के बाद कई लोगों पर एफआईआर भी हुआ, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सालभर में बस केवल खानापूर्ति ही हुई।

इस मामले में अब पटना हाईकोर्ट गंभीर है। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को खूब खरी खोटी सुनाई। पटना हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से कई गंभीर सवाल पूछे हैं। बुधवार को पटना हाईकोर्ट में धान खरीद घोटाला मामले पर सुनवाई करते हुए  कोर्ट ने राज्य सरकार से अब तक सरकार ने क्या करवाई की, इसके बारे में पूछा।

पटना हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा कि किस परिस्थिति में घोटाले में संलिप्त अधिकारियों के प्रति शिथिलता बरती जा रही है? न्यायमूर्ति चक्रधारी शरण की एकलपीठ ने सत्येंद्र कुमार केसरी की आपराधिक रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए पाया कि राज्य खाद्य निगम कार्यालय के कुछ अधिकारी जो खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग में पदस्थापित हुए थे, उनके खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई चल रही थी। लेकिन उस पर अंतरिम रोक लगा दी गई।

धान खरीद घोटाले में सुनवाई के दौरान पटना हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को तो खरी खोटी सुनाया ही, इसके साथ ही पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल खड़े किए। कोर्ट ने कहा कि पुलिस अनुसंधान में हो रही देरी के कारण अधिकारियों को फायदा मिल रहा था। कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सीआईडी को मामले की समीक्षा करते हुए 20 फरवरी तक जवाब देने को कहा है।

ज्ञात हो कि इस घोटाले को लेकर एक साल पहले विधानसभा में काफी हो हल्ला मचा था। तब पटना हाइकोर्ट ने मामले का संज्ञान लेते हुए इसकी जांच सीबीआई को सौंपने के आदेश दिए थे।