JVP President Anil Kumar

अनिल कुमार का जोरदार हमला, माफिया राज को बढ़ावा देने के लिए नीतीश सरकार ने अपनाया बंदी का फॉर्मूला

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पटना। जनतांत्रिक‍ विकास पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अनिल कुमार ने बिहार की नीतीश सरकार पर माफियाराज को बढ़ावा देने का आरोप लगाया और कहा कि उन्‍होंने माफिया राज को बढ़ावा देने के लिए तथाकथित बंदी का फॉर्मूला अपनाया है। उन्‍होंने आज पटना में पार्टी कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्‍मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि कुर्सी मोह में नीतीश कुमार ने बिहार का सत्‍यानाश कर दिया है। शराबबंदी, बालू बंदी, दहेज बंदी, मिट्टी बंदी और बाद कुछ पान मसालों की ब्रांड बंदी कर राज्‍य में माफिया राज को बढ़ावा दिया है, क्‍योंकि बंदी के बावजूद भी इनकी बिक्री सरेआम है।

JVP President Anil Kumar

Photo: जनतांत्रिक‍ विकास पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अनिल कुमार प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए…

उन्‍होंने कहा कि नीतीश कुमार 3 साल पहले शराबबंदी कराई, लेकिन बिहार में कौन सा ऐसा गांव या मुहल्‍ला है, जहां शराब नहीं मिलती। खुद नीतीश कुमार के गांव कल्‍याण बीघा में शराब की बिक्री हो रही है। इससे नीतीश कुमार के शराबबंदी की मंशा साबित होती है कि उन्‍होंने शराबबंदी नहीं की, उन्‍होंने राजस्‍व की बंदी कर दी। फिर उन्‍होंने बालू गिट्टी बंदी की जिसके बाद बालू – गिट्टी की कीमत चार गुना बढ़ गई और माफियाओं के जरिये अकूत धन की कमाई की जा रही है। एक ओर शराब को बिकवाने में शासन प्रशासन के लोगों को रखा है, वहीं माफिया बालू – गिट्टी को ऊंची कीमत पर बेच रहे हैं।

अनिल कुमार ने कहा कि अब पान मसाला पर पाबंदी लगाई है, वो भी महज 12 ब्रांड पर। तो क्‍या इन 12 ब्रांड के तंबाकू उत्‍पाद के अलावा अन्‍य पर रोक क्‍यों नहीं लगाई गई। क्‍यों यह बंदी महज एक सालों की है? क्‍या यह चुनावी साल में धन उगाही के लिए है? उन्‍होंने कहा कि दरअसल नीतीश कुमार का पहला कार्यकाल वो था, जब बिहार में कोई काम नहीं हो रहा था। वे सत्ता में आये तो लगा कुछ काम हुआ। लेकिन अगले ही कार्यकाल से उन्‍होंने अपनी कुर्सी सुरक्षित रखने की जद्दोजहद शुरू कर दी। नतीजा दूसरे कार्यकाल के अंत तक जिस जंगलराज को कोस कर सरकार में आये, उसके के सहयोग से महाजंगलराज कायम किया। तीसरी बार उसी लालू यादव के साथ मिलकर सरकार बनाई और कुर्सी पर खतरा देख कर फिर से उस भाजपा के साथ जनादेश का अपमान कर चल गए, जिसके लिए कहा था मिट्टी में मिल जायेंगे, लेकिन कभी भाजपा में नहीं जायेंगे।

उन्‍होंने कहा कि नीतीश कुमार के कुर्सी बचाओ अभियान के कारनामों में बिहार की हालत खराब हो चुकी है। हत्‍या, लूट, बलात्‍कार, चोरी, डकैती, छिनतई, मॉब लिंचिंग जैसी घटनाओं में जबरदस्‍त इजाफा हुआ है। अस्‍पताल में डॉक्‍टर और नर्स नहीं है। फिर भी नारा देते हैं – ‘क्‍यों करें विचार, ठीके तो है नीतीश कुमार।‘ दूसरी ओर वे राज्‍य में माफिया राज कायम कर आम जनों को डराने का काम कर रहे हैं। लेकिन कब तक लोग माफियाओं से डर कर जीयेंगे। इसलिए हम कहना चाहते हैं कि अब माफिया राज से छुटकारा पाने का वक्‍त आया गया। प्रदेश की जनता इस अहंकारी मुख्‍यमंत्री के करतूतों पर विचार करे और 2020 में उसे उखाड़ फेंके। इसके लिए पार्टी जल्दी ही कार्यक्रम की घोषणा करेगी।

संवाददाता सम्‍मेलन में पार्टी के प्रदेश अध्‍यक्ष संजय कुमार मंडल, बिंदेश्‍वरी प्रसाद सिंह ई रवि प्रकाश और संतोष यादव भी मौजूद रहे।