upendra kushwaha

उपेन्द्र कुशवाहा काे फिर झटका, विधान मंडल के दोनों सदनों में रालोसपा का कोई नामलेवा नहीं बचा

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पटना। लोकसभा के साथ बिहार विधान मंडल के दोनों सदनों में भी राष्ट्रीय लोक समता पार्टी का खाता बंद हो गया। उसके दो विधायक ललन पासवान और सुधांशु शेखर के अलावा विधान परिषद सदस्य संजीव श्याम सिंह रविवार को विधिवत जदयू के सदस्य हो गए। विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने इन तीनों सदस्यों की जदयू में विलय संबंधी अर्जी मंजूर कर ली। इन विधायकों ने 24 मई को जदयू में अपने गुट के विलय की अर्जी दी थी।

मालूम हो कि उपेंद्र कुशवाहा के महागठबंधन में शामिल होने के विरोध में इन विधायकों ने खुद को पार्टी से अलग कर लिया था। अपना गुट बना लिया था। इस गुट को चुनाव आयोग ने भी राज्य स्तरीय दल की मान्यता दी थी। आज इसी गुट का जदयू में विलय हो गया। अब ये तीनों सदन के भीतर जदयू सदस्य की हैसियत से बैठेंगे। इसके साथ ही विधान मंडल के दोनों सदनों में रालोसपा का कोई नामलेवा नहीं बचा है। ललन पासवान चेनारी तथा सुधांशु शेखर हरलाखी के विधायक हैं। इन दोनों की जीत के साथ विधानसभा में जदयू विधायकों की संख्या 73 हो गई है।

2014 के लोकसभा चुनाव में तीन सीटों पर जीत हासिल कर सौ फीसदी कामयाबी हासिल करने वाला राष्ट्रीय लोक समता पार्टी का 17 वीं लोकसभा में खाता नहीं खुल पाया। इसके अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा उजियारपुर और काराकाट से चुनाव लड़े थे। दोनों सीटों पर इनकी हार हुई। पूर्वी एवं पश्चिमी चंपारण तथा जमुई में भी रालोसपा उम्मीदवार की हार हो गई। अलग गुट बनाकर लड़ रहे डॉ. अरुण कुमार जहानाबाद में अपनी जमानत गंवा बैठे, जबकि 2014 में सीतामढ़ी से लोकसभा का चुनाव जीते राम कुमार शर्मा चुनाव ही नहीं लड़े।