प्रवासी भारतीय दिवस

प्रवासी भारतीय दिवस: युवा अप्रवासियों से विदेशमंत्री नें भारत की विकास यात्रा में शामिल होने का किया आह्वान

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तीन दिवसीय आयोजन काशी में हो रहा है तो आप सभी को मानवता के सबसे बड़े समागम कुम्भ भी जाने का मौका मिलेगा: मुख्यमंत्री उत्त्तर प्रदेश

Shabab Khan

शबाब ख़ान (वरिष्ठ पत्रकार)

 

 

 

 

 

वाराणसी: केन्द्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वाराज के साथ उत्त्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुनिया की सांस्कृतिक राजधानी एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में सोमवार को बड़ालालपुर स्थित दीनदयाल उपाध्याय हस्तकला स्कूल सभागार में तीन दिवसीय प्रवासी भारतीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। तीन दिवसीय 15वां प्रवासी भारतीय सम्मेलन युवाओं को समर्पित है। जिसमें 120 देशों के करीब छः हजार प्रतिनिधि भाग लें रहे हैं।

उत्त्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सम्बोधन में कहा कि मैं आभारी हूं पीएम नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का जिन्होंने आयोजन देश के हृदय स्थल उत्त्तर प्रदेश के काशी मे करने का अवसर दिया है। आयोजन महत्वपूर्ण है। स्वर्गीय अटल जी ने 2003 में प्रवासी भारतीय दिवस शुरू किया था। तबसे लगातार इसके जरिये दुनिया के विभिन्न देशों में लोगों को जड़ो से जोड़ने और प्रतिभा का लाभ देश ले सके इसके लिए सरकार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पहला अवसर है जब प्रवासी भारतीय दिवस कार्यक्रम का आयोजन उत्तर प्रदेश, वह भी काशी में हो रहा है। पहले यह क्रमशः एक व दो दिवसीय, जो बाद में अब तीन दिन का किया गया हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि तीन दिवसीय आयोजन काशी में हो रहा है। तो प्रवासी मेहमानों को मानवता के सबसे बड़े समागम कुम्भ भी जाने का मौका मिलेगा। इसके बाद समृद्ध भारत की तस्वीर गणतंत्र दिवस पर देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह आयोजन आप सभी को अनेक कार्यक्रमों से जोड़ने का है। भारत की प्रतिभा विश्व भर में अपना लोहा मनवा रही है। सबसे युवा राज्य उत्तर प्रदेश है। 23 करोड़ की हमारी आबादी है। उन्होंने कहा कि केंद्र में सरकार बनने के बाद कई योजनाएं युवाओ के लिए शुरू हुई हैं। युवाओ के लिये तमाम योजनाएं प्रदेश में भी शुरू की गई हैं। उन्होंने विशेष रुप से जोर देते हुए कहा कि देश-प्रदेश में बदलाव दिखने लगी हैं। दुनिया के तमाम देशों में आप लोगो ने देश दुनिया को दिशा दी है। आपकी प्रतिभा कुछ नया करता है, तो वहां भारत का सम्मान का भाव बढ़ता है। रहन, सहन, खाना, उपासना विधि में अंतर होगा, मगर पूरे भारत को एक साथ जोड़ने में यह आयोजन अवसर देता है। भगवान राम की बात जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी का भाव महत्वपूर्ण है। स्किल डेवलपमेंट को हमने लागू किया है। ओडीओपी से उद्यमियों को प्रोत्साहित कर रहे हैं। इन सबसे आप अवगत होंगे। आपके सुझाव भी जरूरी है। परम्परागत उद्यम को मदद आपसे मिलेगी। दुनिया के विभिन्न देशों से जड़ों की ओर आये हैं। तो आप सभी का सबसे प्राचीन नगरी में स्वागत है। आप बदलती हुई काशी को देखेंगे। कैसे काशी को प्रस्तुत किया जाए। बदलती काशी आपके स्वागत के लिए खड़ी है। बदलते स्वरूप में काशी गलियों का शहर था अब सूरत बदल रही है। काशी की विविधता को देखने का अवसर आपको मिलेगा। 1926 में बीएचयू बना था। काशी के माध्यम से प्राचीन परंपरा को आगे बढ़ाया है। विश्वास है तीन दिनों तक काशी दर्शन का भी आपको मौका मिलेगा।

सुृषमा स्वाराज

Union Foreign Minister Sushma Swaraj with UP CM Yogi Adityanath during 15th Pravasi Bhartiya Divas which has been Inaugrated on Monday….

मुख्यमंत्री ने विदेश मंत्री का भी आभार इसलिए भी कि कुम्भ में स्नान का मौका प्रवासी मेहमानों को मिल रहा है। अक्षय वट और सरस्वती कूप का भी दर्शन साढ़े चार सौ साल बाद मिलेगा। आपके पुरखों को भी शायद यह सौभाग्य न मिला हो। इस वर्ष आप सभी इस सौभाग्य के गवाह होंगे। 15 करोड़ लोग कुम्भ आएंगे। कुम्भ को वैशविक स्वरूप के लिए दुनिया के कई देशों के लोग जुड़े। उन्होंने प्रवासी मेहमानों को काशी आतिथ्य का लाभ लेने के अपील करते हुए कहा कि आपके अनुभव व उर्जा का लाभ देश-प्रदेश के युवाओं को मिलेगा।

केन्द्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने प्रवासी भारतीयों को सम्बोधित करते हुए कहा कि 2022 में भारत दुनिया का सबसे युवा देश होगा। जिसमें 64 फीसदी आबादी का औसत उम्र 29 वर्ष होगा। युवा प्रवासियों से सुषमा स्वराज ने कहा कि युवा भारतीय दिवस का आयोजन न सिर्फ आपको जड़ों से जोड़े रखना है बल्कि ये सीखने का मौका देना भी है कि कैसे आप देश के विकास के भागीदार बनते हैं। आज हम देश की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ कर रहे हैं और हमने कई ऐसे कार्यक्रम शुरू किए हैं, जो शोध को बढ़ावा देने का काम कर रहा है। आज हमारे पास युवाओं की बड़ी संख्या है। सुरक्षित जाओ, प्रशिक्षित जाओ योजना चलाकर दूसरे देशों में काम करने वाले लोगों की मदद का काम किया। हम फर्जीवाड़ा करके विदेश भेजने वाली एजेंसियों पर भी लगाम लगाने का काम कर रहे हैं। विदेश मंत्री ने कहा कि तीन करोड़ 10 लाख भारतीय विदेशों में रहते हैं और सबमें भारतीयता समान है। आज भारत के लोग देशों के प्रमुख भी हैं और बड़ी बड़ी कंपनियों के प्रमुख भी, जिनकी वजह से देश का नाम हो रहा है। गूगल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी मल्टीनेशनल के प्रमुख आज भारतीय हैं। सोशल मीडिया पर भारत सरकार के साथ युवाओं की सक्रियता को लेकर सुषमा स्वराज ने कहा कि हम आज लगभग हर प्रभावी सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं, ताकि लोगों को सोशल मीडिया के जरिए मदद की जा सके। आज भारतीयों का पासपोर्ट उनका सुरक्षा कवच बन गया है। हमने 24 घंटों में लोगों को एक ट्वीट पर मदद पहुंचाने का काम किया है। हमने पीएम मोदी की पहल पर भारत को जानिये क्विज शुरू किया है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग हिस्सा ले रहे हैं।

इससे पहले ‘नए भारत के निर्माण में प्रवासी भारतीयों की भूमिका’ थीम पर हो रहे इस आयोजन के उद्घाटन में विदेश राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह के साथ खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौर भी थे। आयोजन में पहले दिन युवा प्रवासियों के सफलता से युवा प्रेरणा लेंगे। यहां के दीनदयाल हस्तकला संकुल में आयोजन के पहले दिन विश्व भर के भारतवंशियों का जमावड़ा है। इस आयोजन के पहले दिन उत्तर प्रदेश का भी प्रवासी दिवस मनाया जा रहा है। जिसमे उत्तर प्रदेश के प्रवासियों को अलग से आयोजन में जोड़ा गया है। युवाओं को आयोजन से जोडऩे का उद्देश्य आने वाले भविष्य में युवा पूंजी और मेधा का सदुपयोग देश हित में करना है। देश के युवाओं को प्रेरित करने के उद्देश्य से ही पहले दिन सफल युवा भारतवंशियों संग संवाद का भी सत्र प्रस्तावित है।

केंद्रीय खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने मेहमानों का स्वागत करते हुए कहा कि आप सभी का स्वागत है। आपसे अधिक हम उत्साहित हैं। आप भारत के सबसे बड़े राजदूत हैं। उन्होंने कहा कि भारत की पहचान आपसे हैं और आज भारत पूरी दुनिया में अपनी पहचान बना रहा है। आप सभी लोगों से भी भारत को अभी बहुत कुछ सीखना है।

उन्होंने कहा कि भारत में लंबे समय बाद मतदाताओं ने एक मजबूत सरकार चुनी है। यह सरकार सभी से मधुर संबंध रखने के प्रयास में है। प्रधानमंत्री कहते हैं सबका साथ सबका विकास तो भारत ही नही सभी विकास करेंगे। यूथ बहुत हैं जो भारत को याद रखते हैं। हमे आपका साथ चाहिए। हमारा प्रयास है कि हम आपकी भाषा व वेशभूषा को सम्मान करें। आपसे भारतवासियों को सीखना है। आप सभी मातृभाषा जरूर बोलते होंगे। यह हम सभी के लिए बड़ी सीख है। हमसे कोई चीज दूर होती है तो कीमत याद आती है। यहां पर अपनी बात रखना और संविधान के मुताबिक चलना भी जरूरी है।

इससे पूर्व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एवं केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने दीप प्रज्वलित कर प्रवासी भारतीय दिवस कार्यक्रम का विधिवत उदघाटन किया।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार अनिल राजभर, सूचना राज्य मंत्री डॉ नीलकंठ तिवारी, केंद्रीय विदेश सचिव धानेस्वर एम मुले, अपर मुख्य सचिव सूचना एवं पर्यटन अवनीश कुमार अवस्थी आदि लोग प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।