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Nirav modi petition rejected by britain court

भगोड़े हीरा व्‍यापारी नीरव मोदी को ब्रिटेन की अदालत से राहत नहीं, 27 अगस्‍त तक बढ़ी हिरासत

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New Delhi: ब्रिटेन की एक अदालत ने गुरुवार को भगोड़े हीरा व्‍यापारी नीरव मोदी (Nirav Modi) की हिरासत को 27 अगस्‍त तक के लिए बढ़ा दिया। सुनवाई के दौरान पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) धोखाधड़ी और मनी लांड्रिंग मामले का आरोपी नीरव मोदी वीडियो लिंकिंग के जरिए लंदन में वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश हुआ। नीरव पिछले साल मार्च में गिरफ्तार किए जाने के बाद से ही दक्षिण-पश्चिम लंदन के वैंड्सवर्थ जेल में बंद है। भारत ने ब्रिटेन से 49 वर्षीय भगोड़े हीरा कारोबारी को प्रत्यर्पित कराने की कोशिशों में जुटा हुआ है।

नीरव के प्रत्यर्पण पर अगले चरण की सुनवाई सात सितंबर से होगी जो पांच दिनों तक चलेगी। अदालत ने कहा कि इस सुनवाई के दौरान वह वीडियो लिंकिंग के जरिए अदालत में अपनी मौजूदगी दर्ज करा सकता है। उसके वकील में अदालत में उपस्थित हो सकते हैं। नीरव के खिलाफ दो और भी आरोप लगाए गए हैं। इनमें सबूतों को मिटाना और गवाहों को धमकी देना या प्रभावित करना शामिल है। अदालत ने इन आरोपों पर सुनवाई करते हुए कहा कि चूंकि दोनों ही पूर्व के मामले से जुड़े हुए हैं इसलिए वह सितंबर में ही इन पर भी फैसला देगी।

मालूम हो कि नीरव मोदी के प्रत्यर्पण मामले के पहले चरण की सुनवाई मई महीने में जिला न्यायाधीश सैम्युअल गूजी ने की थी। अब दूसरे चरण की सुनवाई सात से 11 सिंतबर के बीच होनी है। न्यायाधीश बेरेटसर ने कहा कि इस दौरान नीरव वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से पेश होगा। अगले महीने होने वाली सुनवाई में मोदी के खिलाफ प्रथमदृष्ट्या मामला तय करने के लिए जिरह पूरी होगी। इस दौरान भारतीय अधिकारी दूसरी बार प्रत्यर्पण का आग्रह करेंगे। ब्रिटेन की गृह मंत्री प्रीति पटेल ने इस साल की शुरुआत में यह अपील मंजूर की थी।

उल्‍लेखनीय है कि नीरव और मेहुल के खिलाफ ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट (धन को अवैध रूप से विदेश ले जाने के खिलाफ कानून) के तहत मुकदमा दर्ज कर रखा है। दोनों कारोबारियों ने पंजाब नेशनल बैंक से करीब 14 हजार करोड़ का घोटाला किया है। घोटाले के बाद दोनों भारत से भाग गए थे। पिछली सुनवाई में अदालत ने छह अगस्त तक के लिए नीरव मोदी की हिरासत को बढ़ा दिया था। मेहुल चोकसी के अफ्रीकी देश एंटीगुआ में होने का पता चला है। भारत सरकार उसे भी लाने के लिए कूटनीतिक प्रयास कर रही है।