Arrested

थाना प्रभारी को रिश्वत के आरोप में पकड़ाने लूट का आरोपी हुआ असफल

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Rambihari pandey

रामबिहारी पांडेय

सीधी- मोबाइल लूट के एक मामले का आरोपी नाम काटने के एवज में जमोड़ी थाना प्रभारी एसआई पर रिश्वत मांगने लगाया गया आरोप झूठा साबित हो गया है. शिकायतकर्ता द्वारा रिश्वत मांगने की शिकायत लोकायुक्त पुलिस रीवा से किया था.

जिसके बाद लोकायुक्त टीम द्वारा मंगलवार की शाम रिश्वत की रकम दस हजार रूपए देकर रंगे हांथ गिरफ्तार करने की नीयत से सीधी पहुंची. लेकिन, थाना प्रभारी जमोड़ी सरोज शर्मा थाना में थे ही नहीं आरोपी शिकायतकर्ता कभी थाने लेखक को तो कभी अन्य पुलिस के आरक्षकों को पैसे देकर मामला रफा दफा करने की कोशिश करते रहे.

इस कारण थाना प्रभारी को रंगे हांथ गिरफ्तार करने में लोकायुक्त पुलिस को सफलता नहीं मिल पाई. इसके बावजूद लोकायुक्त पुलिस द्वारा रिश्वत मांगने के रिकार्डिंग के आधार पर जमोड़ी थाना प्रभारी एसआई सरोज शर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 क के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है. 

घटना के संबंध में लोकायुक्त पुलिस रीवा के टीआई अरविंद कुमार तिवारी द्वारा बताया गया कि बजरंग नगर रीवा निवासी आदित्य धनराज सिंह को जमोड़ी थाना प्रभारी द्वारा यह सूचना दी गई कि जमोड़ी थाने में दर्ज अपराध क्रमांक 166/19 जो लूट का मामला है. उसमें तुम्हारा नाम आ रहा है, यदि दस हजार रूपए तुम दे देते हो तो तुम्हे लूट का आरोपी नहीं बनाएंगे, यदि दस हजार रूपए नहीं दिए तो लूट का आरोपी बना दिया जाएगा.

इसकी शिकायत आदित्य धनराज सिंह द्वारा लोकायुक्त पुलिस रीवा के पास की गई. जिस पर शिकायत का सत्यापन किया गया, रूपयों के लेन देन को लेकर थाना प्रभारी जमोड़ी से हुई बातचीत की रिकार्डिंग कराई गई. और शिकायत सही पाए जाने पर मंगलवार को ट्रैप आयोजित किया गया, मंगलवार की शाम 12 सदस्यी टीम रिश्वत की राशि के साथ रंगे हांथ गिरफ्तार करने थाना जमोड़ी पहुंची.

लेकिन, थाना प्रभारी थाना से बाहर जा चुके थे, जिसके कारण रिश्वत लेते गिरफ्तार किए जाने की कार्रवाई नहीं हो सकी. मगर, पूर्व में रिश्वत के लेन देने की बात रिकार्ड होने के आधार पर थाना प्रभारी जमोड़ी एसआई सरोज शर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना की जा रही है.

टीम में ये रहे शामिल-

जमोड़ी थाना कार्रवाई करने पहुंची लोकायुक्त पुलिस रीवा की टीम में करीब 12 सदस्य शामिल थे, जिसमें डीएसपी बीके पटेल, निरीक्षक अरविंद तिवारी, हितेंद्र नाथ शर्मा, विद्यावारिध तिवारी, प्रधान आरक्षक विपिन त्रिवेदी, अखिलेश पटेल, आरक्षक प्रेम सिंह, अजय पांडेय, शैलेंद्र मिश्रा, धर्मेंद्र जायसवाल, मनोज मिश्रा सहित अन्य शामिल रहे.