BREAKING NEWS
Search
potra kund

भगवान श्री कृष्ण का कुंड बना गंदे जल का भंडारण

538
परविन्दर राजपूत की रिपोर्ट-
मथुरा। पोतरा कुंड, वह स्थान जहां श्रीकृष्ण के जन्म के बाद मां देवकी ने कान्हा के कपड़े धोए थे। वर्तमान में यह स्थान सिर्फ गंदे जल का भंडारण हैं। शहर में ही बना हैं महाविद्या कुंड, पूर्व में इसे देवकी कुंड के नाम से जाना जाता था। महाविद्या श्रीकृष्ण की कुलदेवी बताई जाती हैं। लेकिन मंदिर के पास बना कुंड आज स्थानीय युवकों के लिए खेल का मैदान बना हुआ हैं।

पोतरा कुंड और महाविद्या कुंड तो मात्र उदाहरण हैं। शहर में करीब आधा दर्जन से अधिक द्वापरकालीन कुंड ऐसे हैं जो विकास के अभाव में विलुप्तता की कगार पर हैं। शांतनु कुंड में सीधे मल-मूत्र प्रवाहित हो रहा हैं, तो बलभद्र कुंड में आस-पास के लोगों ने नालियों का निकास कर रखा हैं।

इनके अतिरिक्त यही हाल सरस्वती कुंड, दावानल कुंड, कृष्ण कुंड, गोविन्द कुंड, ब्रह्म कुंड आदि शामिल हैं। कुंडों की नगरी मथुरा में पूर्वजों ने अपने वंशजों को ध्यान में रखकर इनका निर्माण कराया था।

लेकिन उनकी आने वाली पीढ़ी इन कुंडों का सही से संरक्षण न कर सकी। कृष्ण की नगरी में बने कुंडों की वर्तमान हालत दयनीय हैं। बरसात और नालों का जल सीधे कुंडों में प्रवाहित हो रहा है। आस-पड़ोस के लोगों ने भी घरों की नालियों को सीधे इन कुंडों से जोड़ रखा है। कई कुंडों से तो पानी ही गायब हैं।

जबकि जिन कुंडों में पानी है भी तो वह आचमन योग्य नहीं। चुनाव से पूर्व जनप्रतिनिधियों ने इसके सरंक्षण व संवर्धन के तमाम वादे किए लेकिन चुनाव होते ही वह इस ओर देखना भूल गए।