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Bus accident

बसों वाले खतरे में डालते हैं सवारियों की कीमती जानें

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धर्मवीर शर्मा की रिपोर्ट,

अबोहर।  बसों वालोंं द्वारा माननीय अदालत व ट्रैफिक पुलिस द्वारा बनाए गए नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है कानून को अपने जूते की नोक पर रखते हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार  किस तरह सवारियों की कीमती जान को खतरे में डालते हैं, इसकी मिसाल अक्सर मिलती ही रहती है लेकिन ताजा मिसाल रविवार को उस समय देखने को मिली जब सुबह 11. बजे  अबोहर से हनुमानगढ़  की तरफ जाते समय चलती बस में मोबाइल पर बात करता रहा और यह सिलसिला काफी देर तक जारी रहा।

उसने यह भी नहीं सोचा कि ऐसे में बस में सवार कीमती जानों को कोई बड़ा खतरा पहुंच सकता है। बस चालक को मोबाइल पर बात करते हुए एक सवारी ने अपने मोबाइल में कैद कर लिया। बस चालक की इस बड़ी लापरवाही को उक्त सवारी ने पहले तो मौके पर ही उसके उच्चाधिकारियों तक पहुंचाना चाहा लेकिन बाद में उसने यह सोचकर किसी को कोई शिकायत नहीं की कि कहीं उस पर कोई बड़ी विभागीय कार्रवाई न हो जाए और इसका असर उसके परिवार की रोजी-रोटी पर न पड़ जाए।

अपना नाम न छापने पर मीडिया को दी जानकारी –
बस चलाते समय मोबाइल सुनते हुए बस चालक को अपने मोबाइल में कैद करने वाली सवारी ने पूरे मामले की जानकारी यह कहते हुए देर शाम को मीडिया को दे दी कि इस बाबत उसका नाम समाचारपत्र में न छापा जाए। उसने यह भी कहा कि जिला प्रशासन, ट्रांसपोर्ट विभाग व पुलिस प्रशासन को इस मामले को गम्भीरता से लेना चाहिए क्योंकि यह ऐसा पहला मामला नहीं है, पहले भी ऐसे कई मामले होते हैं लेकिन विभाग व प्रशासन तक नहीं पहुंचते।

सवारी के मुताबिक अगर आज कोई बड़ा हादसा हो जाता तो इसका जिम्मेदार किसे ठहराया जाता। मान लीजिए ड्राइवर को आरोपी करार दे दिया जाता लेकिन इससे कीमती जानें तो नहीं वापस आ सकती  थीं।

समय-समय पर होनी चाहिए चैकिंग –
बसों के चालकों व कंडक्टरों की गतिविधियों पर पूरी नजर रखने के लिए समय-समय पर विभाग को चैकिंग करनी चाहिए। इस चैकिंग से कीमती जानें भी खतरे में नहीं पडेंग़ी और ड्राइवर-कंडक्टर भी अपनी ड्यूटी के प्रति पूरी तरह सचेत रहेंगे। आम जनता के चालान काटने से हटकर कर इस तरफ ध्यान देना समय की मुख्य जरूरत है।