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#COVID19: इमरजेंसी के दौर से गुजर रहा भारत! खुद बुद्धिजीवी न बनें एक्सपर्ट की सलाह माने

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रायबरेली। इमरजेंसी के दौर से गुजर रहा भारत! खुद बुद्धिजीवी न बनें एक्सपर्ट की सलाह माने इस वक़्त भारत बहुत ही नाज़ुक दौर से गुजर रहा है। विडंबना यह है कि भारत के लोग कोरोना वायरस (Coronavirus disease – COVID-19) गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। 2 दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आह्वान किया था कि 22 मार्च 2020 को जनता कर्फ्यू का पालन करना है। इस जनता कर्फ्यू के दौरान कोई भी नागरिक घरों से बाहर न निकले न सड़क पर जाएं और न ही मोहल्ले और सोसायटी में इकट्ठे हों अपने घरो में ही रहे।

Coronavirus test

साथ ही उन्होंने कहा था की जो आवश्यक सेवाओं से जुड़े हुए हैं वो लोग बाहर जा सकते हैं, दायित्व भी जरुरी है। राज्य सरकारों को भी इसका पालन कराने का निर्देश दिया था। इसके आलावा (Coronavirus disease – COVID-19) से निपटने के लिए देश सेवा में लगे चिकित्सकों, पुलिसकर्मियों, और मीडियाकर्मियों और जो भी लोग राष्ट्र सेवा में लगे हैं, 5 बजे घंटी, ताली और थाली बजाकर उनका उत्साहवर्धन और आभार व्यक्त व्यक्त करने की बात कही थी।

यहां तक तो सही है लेकिन 5 बजे के बाद कल जो हुआ बहुत ही शर्मनाक था। लोग सड़कों पर इकठ्ठे होकर तमाशा करते नज़र आये हैं। पीलीभीत जनपद के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक महोदय ने तो सारी हदें पर कर दी, डीएम साहब घण्टा तो एसपी साहब सड़क पर संख बजाते हुए भीड़ के साथ आगे बढ़ रहे थे, हालांकि शासन के हरकत में आने के बाद इन्हें सस्पेंड कर दिया गया है।

Coronavirus rumours

पूरे देश से तरह तरह के नमूनें सामने आये हैं यहाँ तक कि चीन की आधिकारिक मीडिया एजेंसी China Xinhua News ने एक एक महिला का वीडियो अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर किया जिससे ख़ूब किरकिरी हुई।

यह सब देखते हुए आज प्रधानमंत्री नरेंद्र ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, “लॉकडाउन को अभी भी कई लोग गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। कृपया करके अपने आप को बचाएं, अपने परिवार को बचाएं, निर्देशों का गंभीरता से पालन करें। राज्य सरकारों से मेरा अनुरोध है कि वो नियमों और कानूनों का पालन करवाएं।” जबकि कोरोनावायरस देश में तेजी से फैल रहा है। इसके चलते देश धीरे-धीरे लॉकडाउन की तरफ बढ़ रहा है। पंजाब और पुडुचेरी में 31 मार्च तक कर्फ्यू लागू कर दिया गया है।

इसके अलावा 16 राज्यों के 331 शहर पूरी तरह लॉकडाउन हैं। देश में इस बीमारी से अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से 6 को डायबिटीज थी। देश में संक्रमितों की संख्या अब बढ़कर 482 हो चुकी है। अब मैं आपको जो बताने जा रहा हूँ वो दिल दहला देने वाला है। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अंशुमान कुमार (कैंसर एक्सपर्ट) दिल्ली, से बात करने पर उन्होंने बताया कि उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया की मान लीजिए कि आज किसी व्यक्ति को संक्रमण हुआ है। और उसके अंदर इस संक्रमण के कोई लक्षण नहीं मिले यहां तक कि जो टेस्ट किया गया वह भी नेगेटिव पाया गया है।

इससे यह कन्फ़र्म नही हो जाता है कि व्यक्ति Covid-19 से संक्रमित नहीं हैं। अगर हमारी बॉडी का इम्यून सिस्टम (Immune System) सक्रिय हो गया है तो टेस्ट में पॉजिटिव आ जायेगा इम्यून सिस्टम (Immune System) एक्टिव नहीं हुआ है तो टेस्ट में नहीं आएगा, रिपोर्ट निगेटिव आएगी। अगर लगातार सम्पर्क में हैं और टेस्ट नेगेटिव आया है तो कम से कम 14 दिन आईशोलेट करके रखें क्योंकि 5 से 14 दिन के भीतर कभी भी वायरस सक्रिय हो सकता है। अगर 14 दिन तक फ़ीवर नहीं आया या लक्षण सामने नहीं आये तो इसका मतलब है की या तो व्यक्ति को संक्रमण नहीं हुआ था या संक्रमण हुआ था लेकिन बॉडी की प्रतिरोधक क्षमता इतनी अच्छी थी कि इसको निकाल दिया गया है।

आगे उन्होंने कहा मेडिकल साइन्स के साथ एक आर्ट भी है क्योंकि इसमें कुछ चीजें अप्रत्याशित होती हैं। इसीलिए चाहे जितना भी डवलपमेंट हो जाये मेडिकल साइंस कभी रोबोट पर फिक्स नहीं किया जा सकता है। भारत सरकार ने एडवाइजरी जारी किया है लोग उसका पालन नहीं कर रहे हैं।

यही गलती अमेरिका, इटली, स्पेन और यूनाइटेड किंगडम सहित कई देशों ने मेडिकल एक्सपर्ट्स की राय मानने में कमी की है इसको गंभीरता से नहीं लिया है। जिसका नतीजा सामने है। भारत में हजारों की संख्या में भारतीय प्रवासी अलग-अलग देशों से आये हैं ऐसे में जो आंकड़े सामने आने वाले हैं वो दिल दहला देने वाले होंगे।

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राहुल यादव (लेखक स्वतंत्र पत्रकार हैं।)….