BREAKING NEWS
Search
animal

सड़कों पर आवारा घूमते गोवंशियों से बीकानेर शहर के नागरिक त्रस्त, नहीं सुन रहा प्रशासन व नगर निगम

468
Shabab Khan

शबाब ख़ान (वरिष्ठ पत्रकार)

बीकानेर: राजस्थान के बीकानेर की नगर निगम की लापरवाही का आलम इतना उदासीन है कि आवारा पशुओं से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। यातायात व्यवस्था का हाल आवारा पशुओं के कारण बेहाल है। चौबीसों घंटे आवारा घूमने वाले यह पशु कई बार गंभीर हादसों का सबब भी बन चुके हैंं, जिससे लोगों को जान से हाथ भी धोना पड़ा है।

बीकानेर में हमेशा पशुओं के सड़क, चौराहों पर घूमने के कारण जन जीवन बदहाल हैं, प्रशासन बेखबर हैं जो तस्वीरे हम न्यूज़ के साथ फोटो में प्रकाशित कर रहे हैं, वह बिल्कुल प्रशासन की नाक के नीचे का है। कचहरी परिसर, म्यूजियम चौक और आसपास के क्षेत्रों से लिये गये दृश्य साफ जाहिर करते हैं कि बीकानेर नगर निगम पूरी तरह से अपनी जिम्मेदारी से मुँह मोड़ कर सो रहा है।
animal

Janmanchnews.com

शायद उसे किसी बड़े हादसे का इंतजार है। शहर के लोगो का कहना है कि उन्होनें कई बार प्रशासन से मदद मॉगी लेकिन फिर भी प्रशासन आम जन की किसी प्रकार की सहायता करने में असमर्थता जता रहा ह।

बीकानेर के कचहरी रोड़ स्थित एक दुकान चलानें वाले आशीष कहते हैं कि “आज हर जगह गोमाता पर राजनीति करने वाले लोगों की भरमार है, उन्हें गो रक्षक कहलाने में फक्र महसूस होता हैं लेकिन अगर देखा जाय तो गो सेवकों को गोवंश सडको पर अवारा घूमता दिखाई नहीं देता, क्यों?

क्योंकि गो माता को अपनी कुर्सी के चक्कर में मुद्दा बनाया जाता हैं, और गो सेवा के नाम पर धन, बल, राजनीति का संरक्षण मिलने पर गाय और अन्य गोवंशियों को सडको पर आवारा छोड़ दिया जाता हैं यह वो सच्चाई है जिसे शायद ही कोई बर्दाश्त कर सके, लेकिन नेताओं की, गो सेवकों की और अधिकारियों कि नैतिकता मर चुकी हैं, इसके फलस्वरूप ही आज गोवंश जन हानि, सड़क हादसों का पर्याय बन गई हैं।”

Read this also…

अखाड़ा परिषद ने जारी की 14 ढोंगी बाबाओं की सूची, आसाराम व राधे मां भी शामिल

विमल गुप्ता कहते है कि “पशुओं को यूं ही सड़क पर छोड़ देने वालों के खिलाफ देश, प्रदेश की अवाम को आपनी आवाज बुलंद करना होगा तभी इस समस्या का समाधान निकल सकता हैं।

अक्सर सड़क पर, मुख्य चौराहे पर, और हाईवे पर गोवंश अावारा घूमते रहते है जो अचानक गाड़ी के आगे आ जाते है और दुर्घटना हो जाती है। ऐसे हादसों की संख्या बढ़ती जा रही है, खतरा लगातार बढ़ रहा है, कई बार गोवंश की टक्कर लगने से लोगों को अपनी जान गवानी पड़ी है।”

बीकानेर सूत्र: पियुष महेश्वरी