BREAKING NEWS
Search
Aadhar

आधार कार्ड से लिंक कराते समय हुई गड़बड़ी से बढ़ा खाद्य सुरक्षा का संकट

568
Omprakash Varma

ओमप्रकाश वर्मा

धौलपुर। राशन कार्ड धारकों द्बारा आधार अथवा भामाशाह कार्ड से लिंक कराते समय सही जानकारी नहीं देने से पात्र परिवार खाद्य सुरक्षा योजना से वंचित हुए हैं। वंचित परिवारों की समस्या का समाधान अपील के जरिए किया जा रहा है, उसके बावजूद हर रोज इसी समस्या को लेकर दर्जनों परिवार कलक्ट्रेट की चौखट पर दस्तक दे रहे हैं। इसका खुलासा धौलपुर पंचायत समिति के अधीन ग्राम पंचायतों में कराए गए रेंडम सर्वे से हुआ है।

जानकारी के अनुसार पिछले माह खाद्य सुरक्षा सूची से अपात्र परिवारों के नाम हटाने व पात्र परिवारों के नाम जोड़ने के लिए कराए गए सर्वे में पाया गया कि 1412 परिवारों को 2 रुपए प्रति किलो की दर से उपलब्ध कराया जाने वाला गेहूँ नहीं मिला। रेंडम सर्वे के इस आंकड़े को देख जिला कलक्टर शुचि त्यागी ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए विकास अधिकारी लखनसिंह को पूरी तहकीकात करने के निर्देश दिए।

इस पर 1412 परिवारों का भौतिक सत्यापन कराया गया तो उसमें राशन कार्ड धारकों के अगूंठे पॉश मशीन से मिलान नहीं खाने, स्वेच्छा से राशन नहीं लेने, उचित मूल्य के दुकानदार द्बारा टरका देने, एक लाख से अधिक की आय वाले, सरकारी सेवा में कार्यरत होने व गांव से पलायन कर जाने के मिले।

सूत्रों ने बताया कि गड़बड़ी की तह में जाने से जानकारी मिली कि खाद्य सुरक्षा सूची में राशन कार्ड धारकों के नाम जोड़ने की गड़बड़ी ऑनलाइन से हुई। राज्य सरकार के इस आदेश के बाद कि दो रुपए प्रति किलो का गेहूँ उन्हीं राशन कार्ड धारकों को दिया जाएगा, जिनके राशन कार्ड आधार अथवा भामाशाह से लिंक होंगे।

इस आदेश के बाद राशन कार्डधारकों ने ई-मित्र संचालकों के यहां से कार्ड आधार अथवा भामाशाह कार्ड से लिंक करा दिए और राज्य सरकार ने आधार व भामाशाह कार्ड से लिंक सूची से ऐसे राशन कार्डधारियों के नाम, जिन्हें खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ नहीं मिल रहा था, हटाकर केन्द्ग सरकार की बेव साइड पर अपलोड कर दिए।

सूत्रों ने बताया कि राशन कार्डधारियों ने कार्ड से लिंक कराते वक्त सही जानकारी नहीं दी, जिन राशन कार्डधाकरियों को खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ मिल रहा था, उन्होंने तो इस लालच में ना कर दिया कि उन्हें और लाभ मिल जाएगा और जिनको लाभ नहीं मिल रहा था, उन्होंने यह समझकर हाँ कर दिया कि नाम कट नहीं जाए। इससे यह सारी गड़बड़ हुई और केन्द्ग सरकार ने उसी के आधार पर राज्य के लिए गेहूँ का आवंटन कर दिया, अब इसे सुधारने के लिए सर्वे कराया जा रहा है।

समाधान हाउस डेटाबेस

सूत्रों ने बताया कि इस समस्या का समाधान हाउस डेटाबेस है। यूं तो ग्राम पंचायतों के सरपंच वोट बैंक को साधने के लिए अधीनस्थ क्षेत्र में मौजूद घरों पर नंबरिंग करा मतदाता सूची तैयार कराते हैं और जब बात हाउस डाटाबेस की आती है तो हाथ पीछे खींच लेते हैं। डाटाबेस के अभाव में गरीबी की रेखा से नीचे जीवनयापन कर रहे परिवार सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हैं।

उन्होंने बताया प्रत्येक घर डेटाबेस तैयार किया जाए, जिसमें परिवार के सदस्यों की संख्या, उम्र, जाति, पेशा, जमीन-जायदाद, आय आदि के सभी स्त्रोतों की जानकारी हो। इससे पात्र परिवारों को कई तरह के लाभ मिलेंगे और अपात्र लोग सरकारी योजनाओं का दुरुपयोग भी नहीं कर पाएंगे।

क्या कहते हैं अधिकारी

धौलपुर पंचायत समिति के विकास अधिकारी लखनसिंह ने बताया कि राशन कार्डधाकरियों के रेंडम सर्वे से कई तरह की बातें सामने आई हैं। इसी के दृष्ट्रिगत आगामी 7 नवंबर को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की बेहत्तर क्रियान्विति के लिए बैठक आयोजित की गई है। बैठक में सभी ग्राम पंचायतों के ग्राम सचिव व उचित मूल्य के दुकानदार भाग लेंगे।

उन्होंने बताया कि बैठक में हाउस डेटाबेस पर भी चर्चा की जाएगी। वहीं विधवा महिला पेंशन योजना एवं विधवा महिलाओं के आश्रितों के लिए पालनहार योजना को लेकर भी रूपरेखा तैयार की जाएगी। इसमें महिला एवं बाल विकास विभाग की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का सहयोग लिया जाएगा।