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Mid Day Meal

मिड-डे-मील: सरकार देती है प्रति बच्चा 4.13 रुपए, वहीं स्कूल को खर्च करने होते हैं 7.55 रुपए

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Rakesh Roy- Janmanchnews.com

राकेश रॉय

डूंगरपुर। बाजार में महंगाई की मार के बाद भी सरकार ने मिड डे मील के बजट में कोई ख़ास इजाफा नहीं किया। जिसके कारण कई स्कूलों में बच्चों को दोपहर का खाना खिलाने के लिए जुगाड़ से इसकी व्यवस्था करनी पड़ती है।
मौजूद हालात  यह है कि मिड-डे-मील के लिए कक्षा एक से पांचवीं तक के प्रति बच्चा सिर्फ 4 रुपए 13 पैसे और कक्षा छह से आठवीं तक 6 रुपए 18 पैसे का ही बजट है। वहीं इन्हें बनवाने में खर्च दोगुना यानी सात रुपए 55 पैसे से अधिक हो रहे हैं। इससे बच्चों को मानक गुणवत्तायुक्त भोजन नहीं मिल पाता है। जबकि नियम के मुताबिक कक्षा एक से पांचवीं तक के बच्चों को 450 कैलोरी और 12 ग्राम प्रोटीन और कक्षा 6 से आठ तक के लिए 700 कैलोरी और 20 ग्राम प्रोटिन होना जरूरी  है। इसके अलावा सप्ताह में एक दिन बच्चों को मौसमी फल भी दिया जाने का प्रावधान है।
संस्थाप्रधानों का कहना है कि मिड-डे-मील के लिए गेहूं और चावल खाद्यान्न मिलता है। इन्हें बनवाने में गैस रिफिलिंग से लेकर मसाले,दालें और सब्जियों पर मिलने वाली राशि खर्च करनी होती है। लागत से अधिक खर्च होने से संस्थाप्रधान और प्रभारी MDM चिंतित हैं। बच्चों को मिलने वाली इस डाइट पर औसतन खर्च निकाला तो दोगुने तक खर्च नजर रहा है।
नमकऔर मिर्च से लेकर गेहूं पिसाई का खर्च भी होता है शामिल…
कक्षा एक से पांचवीं तक 100 और छह से आठवीं तक के बच्चों को 150 ग्राम मिड-डे-मील दिया जाता हैं। इनमें स्कूलों को मिलने वाले प्रति छात्र के हिसाब यह राशि खर्च होती हैं। इनमें नमक,मिर्च,हल्दी,धनिया,जीरा से लेकर गेहूं की पिसाई तक का खर्च भी इसी में शामिल है।
औसतआंकलन से खर्च होती राशि की जानकारी (कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों)…  
सामग्री खर्चा प्रति स्टूडेंट
दाल-सब्ज20 ग्राम 3 रुपए
मसाला 10 ग्राम 3 रुपए
तेल 5 ग्राम 50 पैसे
गैस-ईंधन प्रति छात्र 50 पैसे
फल सप्ताह के एक दिन 50 पैसे
गेहूं पिसाई,सर्फ से बर्तन धुलाई 5 पैसे
कुल खर्च राशि प्रति बच्चा 7.55

मिड-डे-मील के लिए मिलने वाली राशि बहुत कम हैं। इस राशि से बच्चों के लिए खाना बनवाना मुश्किल है। राशि बढ़ाने के लिए अधिकारियों से कहते हैं, लेकिन इजाफा नहीं हो रहा हैं। बजट कम होने से हर महीने जेब से राशि रखने की नौबत आती है।
-ऋषिन चौबीसा, जिलाध्यक्ष शिक्षक संघ राष्ट्रीय

कक्षा1 से 5 तक के बच्चों के लिए राशि कम है। महंगाई बढ़ने से स्कूलों पर आर्थिक बोझ बढ़ा है। ऐसे में सरकार को राशि बढ़ाने के लिए लिखा जाएगा।
-अशोक मीणा, एडीईओ मिड-डे-मील प्रभारी शिक्षा विभाग